‘ईरान का $73 अरब का दांव: होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों को देना होगा 10% टोल’; प्रोफेसर इजादी बोले— “प्रतिबंधों और बमबारी का जवाब देगा यह नया समुद्री टैक्स”
होर्मुज़ में ईरान का 'मास्टरस्ट्रोक': जहाजों से 10% टोल वसूलने की तैयारी में तेहरान। प्रोफेसर फोआद इजादी ने किया $73 अरब की सालाना कमाई के प्लान का खुलासा। क्या युद्ध के बीच 'हथियार' बनेगा समुद्री रास्ता? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आदिल अहमद
PNN24 News: अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान अब दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक धमनी ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को एक आर्थिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फोआद इजादी ने खुलासा किया है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर 10 प्रतिशत टोल (Toll) लगाने की योजना बना रहा है।
1. $73 अरब की सालाना कमाई का लक्ष्य
प्रोफेसर इजादी के मुताबिक, इस रणनीतिक रास्ते से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस व्यापार होता है।
- आर्थिक भरपाई: 10% टोल लगाने से ईरान को सालाना लगभग $73 अरब की कमाई हो सकती है।
- युद्ध का फंड: यह राशि न केवल अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को कम करेगी, बल्कि इज़राइल और अमेरिका के खिलाफ चल रहे लंबे युद्ध के खर्चों को उठाने में भी मददगार साबित होगी।
2. “सुरक्षा के बदले टैक्स” का तर्क
ईरानी संसद (मजलिस) में इस संबंध में एक विधेयक (Bill) पर विचार किया जा रहा है।
- तर्क: ईरानी सांसदों का कहना है कि चूंकि ईरान इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, इसलिए इसका लाभ उठाने वाले देशों को ‘सुरक्षा शुल्क’ देना चाहिए।
- नया रिजीम: सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने संकेत दिया है कि युद्ध खत्म होने के बाद होर्मुज़ में एक “नया रिजीम” लागू होगा, जिसमें प्रतिबंध लगाने वाले देशों पर कड़े समुद्री प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
3. ‘सेफ कॉरिडोर’ के लिए $2 मिलियन की वसूली?
मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे Lloyd’s List) के अनुसार, ईरान ने पहले ही एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ शुरू कर दिया है:
- चुनिंदा अनुमति: वर्तमान में केवल वही जहाज निकल रहे हैं जिन्हें ईरानी सेना (IRGC) अनुमति दे रही है।
- बड़ी फीस: रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम एक टैंकर ऑपरेटर ने ‘सेफ पैसेज’ के लिए $2 मिलियन (लगभग 16 करोड़ रुपये) का भुगतान किया है।
- राजनयिक बातचीत: भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तेहरान के साथ सीधे संपर्क में हैं।
4. क्यों जरूरी है ईरान के लिए यह कदम?
प्रोफेसर इजादी ने ‘ड्रॉप साइट न्यूज’ से बातचीत में कहा कि ईरान के प्रमुख शहरों पर हो रही बमबारी और आर्थिक घेराबंदी ने देश को ‘कठोर फैसलों’ के लिए मजबूर किया है। उन्होंने इसे एक “हथियार” करार दिया जो दुश्मन को आर्थिक रूप से कमजोर कर सकता है।
📊 होर्मुज़ टोल प्लान: एक नज़र में (Projected Impact)
| विवरण | अनुमानित डेटा |
| टोल की दर | जहाज के माल का 10% |
| सालाना संभावित आय | $73 अरब (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) |
| वैश्विक तेल व्यापार | दुनिया का 1/5 हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है |
| प्रबंधन | इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) |
| मुख्य प्रभावित देश | अमेरिका, यूरोपीय संघ और पूर्वी एशियाई देश |
📌 PNN24 का विश्लेषण:
यदि ईरान इस टोल टैक्स को सख्ती से लागू करता है, तो वैश्विक तेल और गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं। यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों (UNCLOS) को सीधी चुनौती दे सकता है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और अधिक हिंसक होने की आशंका है।









