वायरल वीडियो देख कर काँप उठेगी आपकी रूह: ‘बिहार के अररिया में “खूनी पार्किंग” को लेकर हुवे विवाद में सत्तू वाले ने पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन को सरेआम “रेतकर” सर किया धड से अलग, पुलिस के सामने भीड़ ने हत्यारे को पीट-पीटकर किया क़त्ल; फारबिसगंज में “तालिबानी” इंसाफ से दहला इलाका!’
बिहार के अररिया में 'तालिबानी' क्रूरता: फारबिसगंज मंडी में पार्किंग विवाद में सत्तू विक्रेता ने पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन का सिर धड़ से अलग किया। खौफनाक मंजर देख भड़की भीड़ ने पुलिस कस्टडी से खींचकर हत्यारे को उतारा मौत के घाट। इलाके में दहशत, भारी पुलिस बल तैनात। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
फारबिसगंज, अररिया (PNN24 News): बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महज गाड़ी खड़ी करने के मामूली विवाद में एक सत्तू विक्रेता ने पिकअप ड्राइवर की गर्दन काटकर उसकी नृशंस हत्या कर दी। इस खौफनाक मंजर को देखकर उग्र हुई भीड़ ने कानून अपने हाथ में लिया और हत्यारे को पुलिस की मौजूदगी में ही पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
1. मामूली विवाद और खौफनाक अंजाम
घटना गुरुवार सुबह फारबिसगंज की सब्जी मंडी (बाजार समिति) की है। जोगबनी के अमौना निवासी पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन (उर्फ अली हुसैन) मंडी में सब्जी लेने आया था। बताया जा रहा है कि गाड़ी खड़ी करने की जगह को लेकर उसका विवाद सत्तू और अनानास बेचने वाले रवि चौहान (उर्फ राहुल चौहान) से हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि रवि ने तैश में आकर अपने पास रखे धारदार चाकू से नबी हुसैन पर हमला कर दिया और सरेआम उसका गला रेतकर सिर धड़ से अलग कर दिया।
2. पुलिस कस्टडी से खींचकर ‘मॉब लिंचिंग’
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रवि चौहान पास की झाड़ियों में छिप गया था। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब उसे सरेंडर कराकर अपनी कस्टडी में लिया और सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगी, तभी सैकड़ों की संख्या में मौजूद गुस्साई भीड़ ने उसे पुलिस के घेरे से खींच लिया। भीड़ ने पुलिस की आँखों के सामने लाठी-डंडों और रॉड से पीट-पीटकर रवि की जान ले ली। भारी भीड़ के आगे पुलिस बेबस नज़र आई।
3. इलाके में पसरा सन्नाटा, भारी फोर्स तैनात
इस डबल मर्डर के बाद पूरे फारबिसगंज में दहशत का माहौल है। व्यापारियों ने विरोध और डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार और एसडीएम अभय कुमार तिवारी ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून हाथ में लेकर मॉब लिंचिंग की।
आज अररिया में जो हुआ वो सिर्फ कत्ल नहीं, समाज का पतन है। एक पार्किंग के लिए किसी का गला काट देना? कहाँ जा रहा है हमारा समाज? और उससे भी डरावना है वो ‘भीड़ का इंसाफ’। पुलिस के सामने किसी को मार देना साबित करता है कि लोगों को अब कानून पर भरोसा नहीं रहा। नबी हुसैन के तीन छोटे बच्चे अनाथ हो गए, और रवि चौहान ने भी अपनी जान गंवाई। हासिल क्या हुआ? दो घरों के चिराग बुझ गए और पीछे रह गई सिर्फ नफरत और दहशत।”
ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है बशर्ते अगर इंसान अपनी ‘अना’ (ego) को थोड़ा छोटा कर ले। ज़मीन के दो गज टुकड़े के लिए जन्नत जैसा जीवन नरक मत बनाओ’। प्रशासन को अब उन लोगों पर भी सख्त कार्रवाई करनी होगी जिन्होंने भीड़ का हिस्सा बनकर कानून को ठेंगा दिखाया, वरना ‘भीड़ का इंसाफ’ लोकतंत्र को निगल जाएगा।











