‘वाराणसी पुलिस की अंतरराष्ट्रीय स्ट्राइक: कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल के खिलाफ “रेड कॉर्नर नोटिस” जारी; दुबई से भारत लाने की तैयारी तेज़; अब सलाखों के पीछे होगा मास्टरमाइंड!’
वाराणसी कफ सिरप कांड का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अब नहीं बचेगा! इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस, दुबई में छिपे अपराधी के प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू। रोहनिया थाने में दर्ज भारी मात्रा में कोडीन तस्करी मामले में सीबीआई और वाराणसी पुलिस की बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के चर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त शुभम जायसवाल के खिलाफ कानून का शिकंजा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कस गया है। वाराणसी पुलिस की तत्परता और सीबीआई (CBI) के सहयोग से इंटरपोल ने शुभम जायसवाल के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी कर दिया है। अब दुबई (UAE) में छिपे इस माफिया की गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है।
1. रोहनिया कांड: जहाँ से शुरू हुई तफ्तीश
यह पूरा मामला 19 नवंबर 2025 को तब शुरू हुआ था जब रोहनिया थाना क्षेत्र में भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी 2026 को ही न्यायालय में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया था। शुभम जायसवाल, जो भोला प्रसाद जायसवाल का पुत्र है, घटना के बाद से ही दुबई भाग गया था।
2. इंटरपोल और सीबीआई का एक्शन
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने शुभम को वापस लाने के लिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का आवेदन दिया था। सीबीआई के माध्यम से की गई इस पैरवी का असर हुआ और अब शुभम जायसवाल को संबंधित देश (UAE) द्वारा गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश पुलिस और भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता का बड़ा प्रमाण है।
3. प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू
पुलिस के अनुसार, शुभम जायसवाल को जल्द ही दुबई से गिरफ्तार कर वाराणसी लाया जाएगा और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्रवाई से न केवल कफ सिरप तस्करी के सिंडिकेट की कमर टूटेगी, बल्कि यह उन अपराधियों के लिए भी कड़ा संदेश है जो विदेश भागकर कानून से बचने का भ्रम पाले बैठे हैं।
📝 काका का नज़रिया:
“बबुआ, चाहे समंदर पार ‘बुर्ज खलीफा’ की छाँव में छिप जाओ, पर जब कानून का हाथ लंबा होता है, तो ‘रेड कॉर्नर’ की रोशनी में अपराधी का चेहरा साफ चमकने लगता है!”
आज रात शुभम जायसवाल पर जारी हुए रेड कॉर्नर नोटिस पर काका ने अपना गमछा झाड़ते हुए विजय मुस्कान के साथ बात शुरू की।
काका बोले: “बबुआ, शुभम को लगा था कि सात समंदर पार दुबई की चकाचौंध में बनारस की पुलिस उसे भूल जाएगी। पर उसे पता नहीं था कि रोहनिया की मिट्टी का हिसाब बाकी है। अब जब इंटरपोल ने नोटिस जारी कर दिया है, तो समझो कि उसकी ‘रिटर्न टिकट’ कट चुकी है। कोडीन का ज़हर बेचकर जो पैसा कमाया था, वो अब उसे जेल की रोटियों से नहीं बचा पाएगा।”
मैंने पूछा— “काका, क्या प्रत्यर्पण इतना आसान होगा?”
काका का जवाब: “वक्त लगेगा बबुआ, पर अब वो दुबई में चैन की नींद नहीं सो पाएगा। सीबीआई और कमिश्नरेट पुलिस ने मिलकर जो चक्रव्यूह रचा है, उसमें शुभम का फंसना तय है। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, अपराधी कितना भी रसूखदार हो, जब वर्दी की साख पर बात आती है, तो उसे पाताल से भी ढूँढ निकाला जाता है’। अब बनारस को इंतज़ार है उस दिन का, जब शुभम हवाई अड्डे से हथकड़ी पहनकर बाहर निकलेगा।”
📊 केस फाइल: शुभम जायसवाल (Criminal Profile)
| विवरण | जानकारी |
| नाम | शुभम जायसवाल |
| पिता का नाम | भोला प्रसाद जायसवाल |
| पता | प्रहलाद घाट, थाना आदमपुर, वाराणसी |
| वर्तमान लोकेशन | दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) |
| मुख्य मामला | कोडीन कफ सिरप तस्करी (थाना रोहनिया) |
| ताज़ा स्टेटस | इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी |











