‘वाराणसी में दो “बाहुबलियों” की अदावत पर फैसले की घड़ी: धनंजय सिंह बनाम अभय सिंह केस में बहस पूरी; 24 साल बाद 13 अप्रैल को आएगा फैसला; सफारी पर बरसाई गई थीं गोलियां!’
वाराणसी: दो बाहुबलियों के बीच 24 साल पुरानी 'जंग' का अंतिम अध्याय! धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में वाराणसी एमपी-एमएलए कोर्ट में बहस पूरी। 13 अप्रैल को आ सकता है बड़ा फैसला। क्या विधायक अभय सिंह को होगी सजा? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

निलोफर बानो
वाराणसी (PNN24 News): उत्तर प्रदेश की सियासत के दो कद्दावर और बाहुबली चेहरों—पूर्व सांसद धनंजय सिंह और विधायक अभय सिंह—के बीच दशकों से चली आ रही दुश्मनी अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। साल 2002 में वाराणसी के नदेसर में धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में अंतिम बहस संपन्न हो गई।
1. नदेसर का वो खूनी मंजर: 4 अक्टूबर 2002
घटना आज से करीब 24 साल पहले की है। तत्कालीन केराकत विधायक धनंजय सिंह जौनपुर लौट रहे थे। कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास बोलेरो सवार हमलावरों ने उनकी सफारी को घेर लिया। आरोप है कि विधायक अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ उतरकर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हुए थे।
2. कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान धनंजय सिंह स्वयं अदालत में मौजूद रहे।
- दलीलें: अभियोजन और बचाव पक्ष (अभय सिंह पक्ष) की अंतिम दलीलें पूरी हो चुकी हैं। धनंजय सिंह के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी के अनुसार, सोमवार तक सभी कानूनी नजीरें दाखिल कर दी जाएंगी।
- संभावित फैसला: अदालत ने संकेत दिया है कि इस मामले में 13 अप्रैल को अंतिम फैसला सुनाया जा सकता है।
3. धनंजय सिंह का बयान: “24 साल का इंतज़ार”
कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए धनंजय सिंह ने कहा— “बचाव पक्ष ने हमेशा स्टे लेकर ट्रायल में देरी की, वरना न्याय बहुत पहले मिल गया होता। सरेआम हुए इस हमले में हम पांच लोग घायल हुए थे। अब जाकर न्याय की उम्मीद जगी है।” उन्होंने अभय सिंह के आपराधिक इतिहास का जिक्र करते हुए उन्हें हेमंत सिंह हत्याकांड का भी मुख्य आरोपी बताया।
13 अप्रैल को PNN24 News की विशेष टीम अदालत परिसर से पल-पल की लाइव अपडेट आप तक पहुँचाएगी। क्या धनंजय सिंह को मिलेगा 24 साल बाद न्याय? जुड़े रहें।











