‘संसद में “महाभारत”: गिरिराज सिंह का विपक्ष पर तीखा तंज— “महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को घर में भोजन नहीं मिलेगा”; लोकसभा की 850 सीटों पर छिड़ा सियासी संग्राम!’

परिसीमन और महिला आरक्षण पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का विपक्ष को कड़ा जवाब! बोले— "जो विरोध करेगा उसे घर में खाना नहीं मिलेगा।" लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 850 होने के प्रस्ताव पर सियासी घमासान। कांग्रेस ने बताया 'छल-कपट' वाला बिल। जानिए क्या है 33% आरक्षण और परिसीमन का पूरा पेंच। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

नई दिल्ली (PNN24 News): मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए ‘परिसीमन विधेयक’ (Delimitation Bill) ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहाँ एक तरफ सरकार इसे महिलाओं के हक और लोकतांत्रिक सुदृढ़ीकरण से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे ‘सियासी छल’ करार दे रहा है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक विवादास्पद बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।

1. गिरिराज सिंह का तंज: “महिलाओं के सब्र का बांध टूटा”

विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, “महिलाएं वर्षों से इस आरक्षण का इंतज़ार कर रही हैं। मुझे भरोसा है कि सदन के अंदर सबकी संवेदना जगेगी।” उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, “जो इसे पास नहीं करेंगे, उन्हें घर में भोजन भी नहीं मिलेगा।” गिरिराज सिंह ने यह भी दावा किया कि परिसीमन से किसी राज्य या दल को नुकसान नहीं होगा और चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

2. 543 से 850: बदल जाएगा लोकसभा का चेहरा

सरकार द्वारा पेश इस बिल में सबसे बड़ा प्रस्ताव लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का है। साथ ही, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के अनुरूप लोकसभा और विधानसभाओं में 33% (एक-तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह आरक्षण तभी लागू होगा जब जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

3. विपक्ष का ‘छल-कपट’ का आरोप

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार के इन विधेयकों को ‘छल-कपट से भरा’ बताया है। विपक्ष का मुख्य आरोप है कि:

  • महिला आरक्षण के नाम पर सरकार असल में परिसीमन का एजेंडा थोप रही है।
  • अधिक जनसंख्या वाले उत्तर भारतीय राज्यों को इससे फायदा मिलेगा, जहाँ वर्तमान में भाजपा मज़बूत स्थिति में है।
  • दक्षिण भारतीय राज्यों को जनसंख्या नियंत्रण के बावजूद सीटों के अनुपात में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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