‘अब्बास अंसारी की “विधायकी” सुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका को किया खारिज; हेट स्पीच केस में मिली बड़ी राहत; मऊ से बनी रहेगी विधानसभा सदस्यता!’
अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! हेट स्पीच मामले में सुरक्षित रहेगी विधानसभा सदस्यता। यूपी सरकार की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का रोक वाला फैसला बरकरार। मऊ के विधायक के लिए 'संजीवनी' बना सुप्रीम कोर्ट का आदेश। PNN24 की विशेष कानूनी रिपोर्ट।

शहनवाज़ अहमद
नई दिल्ली/लखनऊ (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। हेट स्पीच से जुड़े एक चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें उनकी सजा पर रोक लगाई गई थी। इस आदेश के बाद अब अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है।
1. क्या था पूरा मामला?
अब्बास अंसारी को एक हेट स्पीच मामले में निचली अदालत ने सजा सुनाई थी। नियमानुसार, दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर किसी भी जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द हो जाती है। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक (Stay) लगा दी थी, जिससे उनकी विधायकी बच गई थी।
2. यूपी सरकार की चुनौती और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि हाईकोर्ट का सजा पर रोक लगाने का फैसला गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी सदस्यता पर कार्रवाई हो सके।
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बेंच का फैसला: मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
3. अब क्या होगा असर?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का ‘स्टे’ प्रभावी रहेगा। जब तक सजा पर रोक लगी है, तब तक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता को कोई खतरा नहीं है। वह मऊ के विधायक के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे।











