‘ट्रंप का “फाइनल काउंटडाउन” शुरू: 48 घंटे में होर्मुज़ खोलो वरना बरपेगा “कहर”; बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से दुनिया सन्न, भारत ने कहा— “ईरानी तेल का खेल जारी है”!’
विश्व युद्ध की आहट: ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम— 'समझौता करो या कहर झेलो'। ईरान के एकमात्र परमाणु प्लांट 'बुशहर' पर चौथा हमला, खाड़ी देशों पर रेडियोएक्टिव रिसाव का खतरा। अमेरिका का ऐतिहासिक $1.5 ट्रिलियन का रक्षा बजट। भारत ने ईरानी तेल आयात पर फैलाई जा रही अफवाहों को किया खारिज। PNN24 की महा-रिपोर्ट।

आफ़ताब फारुकी
PNN24 News: मध्य-पूर्व का रणक्षेत्र अब विनाशकारी मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘करो या मरो’ की स्थिति में खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोला गया या समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर ऐसा ‘कहर’ टूटेगा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा।
1. परमाणु खतरे की घंटी: बुशहर प्लांट पर चौथा हमला
ईरान के एकमात्र चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट ‘बुशहर’ के पास शनिवार को चौथी बार हमला हुआ।
- नुकसान: हमले में सुरक्षा में तैनात एक कर्मचारी की मौत हो गई। हालांकि मुख्य प्लांट सुरक्षित है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने चेतावनी दी है कि यदि रेडियोएक्टिव रिसाव हुआ, तो इसका असर तेहरान पर नहीं, बल्कि GCC (खाड़ी देशों) की राजधानियों पर पड़ेगा।
- रूसी विदाई: रूसी कंपनी ‘रोसाटॉम’ ने अपने 200 कर्मचारियों को वहां से निकालने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।
2. ट्रंप का $1.5 ट्रिलियन का ‘महा-बजट’
व्हाइट हाउस ने 2027 के लिए $1.5 ट्रिलियन (करीब 139 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट की मांग की है।
- बढ़ोतरी: यह पिछले साल के मुकाबले 42% की रिकॉर्ड वृद्धि है।
- न्यू विजन: इसमें ट्रंप के सपनों का ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम और नई ‘ट्रंप-क्लास’ बैटलशिप सीरीज़ शामिल है। यह बजट ईरान युद्ध के $200 अरब के अतिरिक्त फंड से अलग है।
3. भारत का रुख: ‘तेल की कोई कमी नहीं’
भारत सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि भारत ईरानी तेल का भुगतान नहीं कर पा रहा है।
- मंत्रालय की सफाई: पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भुगतान में कोई बाधा नहीं है। ईरानी एलपीजी लेकर जहाज़ ‘सी बर्ड’ मंगलुरु पहुँच चुका है।
- आपूर्ति सुरक्षित: भारत 40 से अधिक देशों से तेल खरीद रहा है और आने वाले महीनों के लिए देश की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी तरह सुरक्षित हैं।
4. लापता पायलट की तलाश: ‘एयर फ़ोर्स का स्विस आर्मी नाइफ़’ तैनात
ईरान में गिरे F-15E पायलटों को बचाने के लिए अमेरिका ने अपनी विशेष कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू यूनिट्स को उतारा है। पूर्व कमांडरों के मुताबिक, ये जवान ‘पैरा-रेस्क्यू जंपर्स’ हैं जो दुश्मन के इलाके में पैदल घुसकर भी पायलटों को निकालने की क्षमता रखते हैं। उधर, ईरान ने पायलट पर $66,000 (करीब 55 लाख रुपये) का इनाम रखा है।
📊 युद्ध का रिपोर्ट कार्ड: 04-05 अप्रैल 2026 (Military Summary)
| श्रेणी | विवरण | डेटा/प्रभाव |
| अल्टीमेटम | डोनाल्ड ट्रंप (ट्रुथ सोशल) | 48 घंटे की समय सीमा (6 अप्रैल तक) |
| परमाणु प्लांट | बुशहर, ईरान | 4 हमले, 1 मौत, रेडियोएक्टिव रिसाव का डर |
| US बजट मांग | रक्षा बजट 2027 | $1.5 ट्रिलियन (42% वृद्धि) |
| कैजुअल्टी (US) | कुल हताहत (पेंटागन) | 13 मृत, 365 घायल |
| भारत-ईरान तेल | पेट्रोलियम मंत्रालय | भुगतान सुचारू, आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित |











