‘बिहार में फिर बरपा “ज़हरीली शराब” का कहर: चंपारण में मौत का आंकड़ा पहुँचा 7; 14 लोग अब भी ज़िंदगी और मौत के बीच, पुलिस बोली— “बनाने में हुई थी गड़बड़ी”!’
बिहार ब्रेकिंग: पूर्वी चंपारण में ज़हरीली शराब का तांडव, मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हुई। इलाज के दौरान 2 और लोगों ने तोड़ा दम, 14 अब भी अस्पताल में भर्ती। डीआईजी हरिकिशोर राय ने की मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि। क्या शराबबंदी वाले बिहार में 'मौत का जाम' फिर से भारी पड़ रहा है? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
मोतिहारी/पूर्वी चंपारण (PNN24 News): बिहार में पूर्ण शराबबंदी के दावों के बीच एक बार फिर ज़हरीली शराब ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। पूर्वी चंपारण ज़िले में शनिवार को इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत के साथ इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 7 हो गई है। अस्पताल में भर्ती अन्य 14 लोगों की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
1. शनिवार सुबह दो और ‘शहादत’
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शनिवार सुबह लाल किशोर राय और लड्डू साह ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि भर्ती मरीजों में से 3 की हालत अत्यंत गंभीर है और उन्हें लाइफ सपोर्ट व निरंतर निगरानी में रखा गया है।
2. पुलिस की कार्रवाई और डीआईजी का बयान
चंपारण क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिकिशोर राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोर्चा संभाला है।
- मुख्य आरोपी गिरफ्तार: डीआईजी ने पुष्टि की है कि इस अवैध शराब कारोबार के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- शुरुआती जांच: पुलिस के अनुसार, शुरुआती साक्ष्यों से पता चला है कि शराब बनाने की प्रक्रिया के दौरान रसायनों के मिश्रण में गड़बड़ी हुई थी, जिसने इसे ‘ज़हर’ बना दिया।
- पोस्टमार्टम का इंतज़ार: हालांकि आधिकारिक तौर पर मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
3. 18 लोगों ने किया था सेवन
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुल 17-18 लोगों ने एक साथ शराब का सेवन किया था। घटना के बाद से ही इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन पर शराबबंदी को सख्ती से लागू न करने के आरोप लगा रहे हैं।











