‘बंगाल में “वीडियो बम” से सियासत गर्म: ‘बाबरी मस्जिद बनाने का दावा करने वाले हुमायूं कबीर का कथित विवादित बयान वायरल; वीडियो में बोले हुमायु कबीर “मुसलमान बेवकूफ़ हैं, हम उनके वोट बांटकर बीजेपी को मदद करेंगे.” ओवैसी ने तोड़ा नाता; कबीर बोले— “यह AI की साज़िश”; क्या मुस्लिम वोटों के बंटवारे का खेल हुआ बेनकाब?’
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी धमाका! हुमायूं कबीर के कथित 'मुस्लिम विरोधी' वीडियो से मचा बवाल। ओवैसी की AIMIM ने तोड़ा गठबंधन। कबीर का दावा— "AI से बनाया गया फर्जी वीडियो"। TMC ने कसा तंज, ईडी जांच की मांग। क्या मुर्शिदाबाद में बदलेगा चुनावी समीकरण? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
कोलकाता/मुर्शिदाबाद (PNN24 News): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की दहलीज पर राज्य की राजनीति में एक नए ‘वीडियो विवाद’ ने भूचाल ला दिया है। ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के नेता हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह मुसलमानों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते नज़र आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने कबीर के साथ अपना चुनावी गठबंधन तोड़ दिया है।
1. क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो (जिसकी प्रामाणिकता की PNN24 न्यूज़ स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता) में हुमायूं कबीर कथित तौर पर कहते दिख रहे हैं— “मुसलमान बेवकूफ़ हैं, हम उनके वोट बांटकर बीजेपी की मदद करेंगे।” वीडियो में कबीर को यह दावा करते भी सुना जा सकता है कि उन्हें 1000 करोड़ रुपये का ऑफर मिला है, जिसमें से 200 करोड़ रुपये एडवांस मिल चुके हैं।
2. हुमायूं कबीर का बचाव: ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का खेल’
वीडियो पर मचे बवाल के बीच हुमायूं कबीर ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके उन्हें बदनाम करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल द्वारा इसे साझा किए जाने के बाद से कबीर बैकफुट पर हैं।
3. AIMIM का कड़ा रुख: “गरिमा से समझौता नहीं”
शुक्रवार सुबह AIMIM ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी किसी भी ऐसे नेता के साथ नहीं जुड़ सकती जो मुस्लिम समुदाय की गरिमा को कम करता हो। पार्टी अब बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।
4. राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया
- TMC (कुणाल घोष): “बीजेपी की बी-टीम और सी-टीम मुस्लिम वोट बांटने का काम कर रही है। इस मामले की ईडी (ED) से जांच होनी चाहिए।”
- फ़िरहाद हकीम (मेयर, कोलकाता): “हुमायूं कबीर ‘गद्दार’ है जो धर्म बेच रहा है। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का उसका प्रस्ताव सिर्फ धार्मिक उकसावे की साज़िश थी।”
5. विशेषज्ञों की राय: क्या पड़ेगा असर?
राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर जाद महमूद और बिश्वनाथ चक्रवर्ती के अनुसार, हुमायूं कबीर की विश्वसनीयता बार-बार पार्टी बदलने के कारण पहले से ही कम थी।
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मुर्शिदाबाद का समीकरण: कबीर का प्रभाव मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों तक सीमित है। गठबंधन टूटने से वहां मुस्लिम वोटों का बिखराव रुक सकता है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस या टीएमसी को मिल सकता है।











