‘महंगाई की “हज़ार” वाली मार: कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा; अखिलेश यादव का तंज— “भाजपा महंगाई और बेरोज़गारी पर निंदा प्रस्ताव कब लाएगी?”‘
महंगाई का तगड़ा झटका! 1 मई 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹993 की भारी बढ़ोतरी। अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- "सीधे ₹1000 ही बढ़ा देते, ₹7 कम कर किस पर किया एहसान?"। जानें दिल्ली में अब क्या है नई कीमत और क्यों बढ़े दाम। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आदिल अहमद
नई दिल्ली (PNN24 News): देशभर में महंगाई की मार झेल रही जनता को 1 मई 2026 की सुबह एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है। जहाँ 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम लगभग हज़ार रुपये तक बढ़ गए हैं, वहीं 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इज़ाफ़ा हुआ है। इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है।
1. अखिलेश यादव का तीखा प्रहार: “थाली चुराने वाली सरकार”
सपा नेता अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि सिलेंडर महंगा होना मतलब रोटी और थाली का महंगा होना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
- “सिलेंडर महंगा करना था तो सीधे 1000 रुपये ही बढ़ा देते, 1000 में 7 रुपये कम करके भाजपा वाले किस पर एहसान कर रहे हैं?”
- उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा ‘महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी व मंदी’ पर निंदा प्रस्ताव कब लाएगी?
- अखिलेश ने यह भी कहा कि महंगाई का दर्द वही जानता है जो खुद खरीदकर खाता है, दूसरों की थाली से चुराने वाले नहीं।
2. कीमतों में उछाल: दिल्ली में ₹3000 के पार
सरकारी तेल कंपनियों के नए रेट कार्ड के अनुसार:
- 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर: इसकी कीमत में ₹993 की वृद्धि की गई है, जिसके बाद दिल्ली में यह ₹3,071.5 का हो गया है।
- 5 किलो सिलेंडर: इसके दाम में ₹261 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- यह कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार तीसरी बड़ी वृद्धि है। इससे पहले मार्च में ₹115 और अप्रैल में ₹200 की बढ़ोतरी हुई थी।
3. क्यों बढ़ीं कीमतें? (युद्ध और अंतरराष्ट्रीय दबाव)
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के मुताबिक, कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार में आया दबाव है। 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बाद से वैश्विक स्तर पर गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाज़ार पर दिख रहा है।
4. घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
राहत की बात यह है कि तेल कंपनियों ने 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे आम परिवारों के रसोई बजट पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।











