‘सफलता का परचम: आशा लाइब्रेरी की “शब्बो” अब यूपी पुलिस की शान; प्रशिक्षण के बाद प्रथम आगमन पर हुआ भव्य स्वागत!’

संघर्ष से सफलता तक! आशा लाइब्रेरी की छात्रा शब्बो बानो बनीं उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला आरक्षी। प्रशिक्षण पूरा कर लौटने पर भंदहां कला में हुआ भव्य अभिनंदन। शब्बो ने छात्राओं को दिए सफलता के मंत्र, कहा- "लक्ष्य के प्रति समर्पण ही है जीत की कुंजी"। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

वाराणसी, भंदहां कला (PNN24 News): उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 में महिला आरक्षी के पद पर चयनित और आशा लाइब्रेरी एवं अध्ययन केंद्र, भंदहां कला की पूर्व छात्रा शब्बो बानो का प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटने पर शानदार अभिनंदन किया गया। लाइब्रेरी में उनके प्रथम आगमन पर माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया।

1. सफलता का मूलमंत्र: कठिन परिश्रम और समर्पण

समारोह के दौरान वहां मौजूद प्रतियोगी छात्राओं को संबोधित करते हुए शब्बो बानो भावुक नज़र आईं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर प्रयास को देते हुए कहा:

  • किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए उसके प्रति पूर्ण समर्पण और संघर्ष अनिवार्य है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में जीत हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।
  • उन्होंने छात्राओं को सुझाव दिया कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन (Regular Study) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

2. “संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो सामान्य बच्चे भी रच सकते हैं इतिहास”

आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि शब्बो का चयन एक स्पष्ट संदेश है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण और सामान्य परिवार के बच्चों को पर्याप्त संसाधन और उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो, तो वे बड़ी से बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर सकते हैं।

3. गरिमामयी उपस्थिति

इस अभिनंदन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप सिंह, साधना पाण्डेय, दीन दयाल सिंह, सौरभ चन्द्र, सनी, सरोज सिंह और श्वेता सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने शब्बो के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

📊 सफलता की प्रोफाइल: एक नज़र में (Achievement Summary)

विवरण जानकारी
नाम शब्बो बानो
चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 (महिला आरक्षी)
संस्थान आशा लाइब्रेरी एवं अध्ययन केंद्र, भंदहां कला
सम्मान माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न
संदेश समर्पण, संघर्ष और नियमित अध्ययन ही सफलता की कुंजी है

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