‘कांग्रेस का भाजपा पर सीधा वार: “जनता देख रही है कि पहले 100 कौन पार करेगा- रुपया या पेट्रोल?”; पीएम मोदी की “वर्क फ्रॉम होम” सलाह पर भी उठाए गंभीर सवाल!’
नई दिल्ली: कांग्रेस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की ऐतिहासिक गिरावट को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' की सलाह पर घेरा और प्रवासी मजदूरों की बदहाली का मुद्दा उठाया। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): देश में आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आर्थिक मोर्चे पर सरकार की नीतियों को पूरी तरह विफल करार दिया।
📈 100 का आंकड़ा पार करने की होड़: राजीव गौड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव गौड़ा ने गिरते रुपये और ईंधन के दामों की तुलना करते हुए सरकार पर तीखा तंज कसा।
राजीव गौड़ा ने कहा:
“आज भारत के लोग बेबसी से देख रहे हैं और यह सोच रहे हैं कि आखिर 100 का आंकड़ा पहले कौन पार करेगा। डॉलर के मुकाबले दिन-ब-दिन कमज़ोर होता देश का रुपया या फिर देश में बेकाबू होती पेट्रोल की क़ीमतें। सरकार महंगाई को रोकने में पूरी तरह लाचार नजर आ रही है।”
🏠 ‘वर्क फ़्रॉम होम’ की सलाह पर डॉली शर्मा का तीखा पलटवार
कांग्रेस नेता डॉली शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता को दी गई ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की सलाह को अव्यावहारिक बताते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि देश की जमीनी हकीकत से दूर यह सलाह किन लोगों के लिए व्यावहारिक है?
डॉली शर्मा ने सरकार से सवाल करते हुए कहा:
“मोदी सरकार ने जनता से कह तो दिया कि वर्क फ़्रॉम होम करिए। अब प्रधानमंत्री खुद बताएं कि असल में देश के कितने लोग घर से काम कर सकते हैं और किन वर्गों के लिए यह वास्तव में संभव है? क्या देश का गरीब और श्रमिक वर्ग इस दायरे में आता है?”
उन्होंने आगे कहा कि देश के प्रवासी मज़दूर और कंस्ट्रक्शन (निर्माण कार्य) का काम करने वाले दिहाड़ी मज़दूर कभी भी घर से काम नहीं कर सकते। एक तरफ उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी तरफ उन्हें महंगे दाम पर रसोई गैस सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी और इस आलम के कारण मज़दूर एक बार फिर शहरों से पलायन कर अपने गांवों की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
⛽ 15 मई से अब तक तीसरी बार बढ़े दाम
गौरतलब है कि शनिवार को एक बार फिर देश में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नए आंकड़ों के मुताबिक:
- पेट्रोल: 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।
- डीज़ल: 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, 15 मई से लेकर अब तक यह तीसरी बार है जब ईंधन के दामों में इस तरह की एकतरफा बढ़ोतरी की गई है। इस लगातार बढ़ते ग्राफ ने माल ढुलाई को महंगा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में आम जरूरत की अन्य चीजें भी महंगी होने की आशंका है।











