‘दारागंज में इंस्टाग्राम वाली “लव स्टोरी” का सरेराह “Reality Check”: अनजान महिला समझकर पत्नी को ही डेट करने पहुंचा पति; मंदिर के पास खुला राज तो थाने तक पहुंची बात..!’
प्रयागराज के दारागंज में इंस्टाग्राम की 'लव स्टोरी' का अजीब अंत! नई आईडी से अनजान महिला समझकर अपनी ही पत्नी को डेट करने पहुंचे पति महोदय। नागवासुकी मंदिर के पास खुला राज, तो शुरू हो गया 'फिजिकल एक्शन'। पुलिस ने पति के खिलाफ दर्ज की FIR। PNN24 की विशेष रोचक रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
प्रयागराज (PNN24 News): संगम नगरी के दारागंज इलाके में एक ऐसा “लव स्टोरी ट्विस्ट” सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया की आभासी दुनिया और हकीकत के बीच के फर्क को बेपर्दा कर दिया है। एक पति को इंस्टाग्राम पर नई आईडी से दोस्ती करना उस वक्त भारी पड़ गया, जब वह अपनी ही पत्नी के बिछाए जाल में फंस गया।
1. इंस्टाग्राम पर ‘दिल दे बैठे’ पति देव
पूरा मामला दारागंज का है, जहां पति महोदय इंस्टाग्राम पर एक नई आईडी से जुड़ी महिला पर फिदा हो गए। बातों का सिलसिला आगे बढ़ा और मामला शादी तक पहुंच गया। दोनों ने पहली मुलाकात के लिए दारागंज के प्रसिद्ध नागवासुकी मंदिर का स्थान तय किया।
2. मंदिर के पास ‘पर्दा’ उठा तो उड़ गए होश
मुलाकात के तय समय पर महिला चेहरा ढककर और चश्मा लगाकर पूरी तैयारी के साथ पहुंची। पति साहब भी पूरे रोमांटिक मूड में वहां पहुंचे थे। जैसे ही महिला ने अपना चेहरा खोला, पति के पैरों तले ज़मीन खिसक गई, क्योंकि सामने कोई और नहीं बल्कि उनकी अपनी ही पत्नी खड़ी थी।
3. ड्रामा से एक्शन और फिर सीधे थाना
चेहरा खुलते ही शर्मिंदगी पल भर में गुस्से में बदल गई। मौके पर ही “इमोशनल ड्रामा” मारपीट और “फिजिकल एक्शन” में तब्दील हो गया। मामला इतना बढ़ा कि सीधे थाने जा पहुंचा। पत्नी ने खुलासा किया कि उसने सिर्फ यह देखने के लिए नई आईडी बनाई थी कि उसके पति ऑनलाइन क्या कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में पति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
📝 विशेष कॉलम: मोरबत्तियाँ (लेखक: तारिक आज़मी)

काका का नज़रिया: “बबुआ, सोशल मीडिया की दुनिया बड़ी जालिम है; यहाँ चश्मा और नकाब के पीछे कौन है, ई जाने बिना अगर ‘दिल’ लगाओगे, तो दारागंज जैसा ही ‘Reality Show’ शुरू होगा!”
प्रयागराज के इस ‘इंस्टाग्राम कांड’ पर काका ने रजनीगंधा खाते हुए खूब ठहाके लगाए।
काका बोले: “बबुआ, आजकल के पति भी बड़े कलाकार हो गए हैं, घर की मुर्गी दाल बराबर और इंस्टाग्राम वाली हूर परी! पर पत्नी भी कम नहीं निकली, उसने तो डिजिटल जाल बिछाकर पति देव को मंदिर की सीढ़ियों पर ही ‘एक्सपोज़’ कर दिया। सोचो उस आदमी पर क्या गुजरी होगी, जो नई बीवी के सपने लेकर गया था और सामने पुरानी वाली डंडा लेकर खड़ी थी।”
मैंने पूछा— “काका, क्या सोशल मीडिया अब घरों को तोड़ रहा है?”
काका का जवाब: “बबुआ, दोष मोबाइल का नहीं, नीयत का है! अगर ईमानदारी होती तो नई आईडी की ज़रूरत ही न पड़ती। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, ये ऑनलाइन वाला प्यार अक्सर ऑफलाइन में थाने की हवा खिला देता है’। अब पति साहब जेल की रोटियां तोड़ेंगे और याद करेंगे कि इंस्टाग्राम पर ‘फॉलो’ करना कितना महंगा पड़ा।”












