‘नीट 2026 रद्द: पेपर लीक के “विषकाल” में फंसे 22 लाख छात्र; राहुल गांधी बोले— “नीलामी बन गई है परीक्षा”, अब सीबीआई करेगी गुनहगारों का हिसाब!’
बड़ी ख़बर: पेपर लीक के चलते NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द, 22 लाख छात्रों को फिर से देनी होगी परीक्षा। केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी। राहुल गांधी का तीखा हमला— "नीट अब परीक्षा नहीं, नीलामी बन गई है"। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
नई दिल्ली (PNN24 News): नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। राजस्थान और केरल से जुड़े पेपर लीक के तार सामने आने के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह कदम उठाया गया है। अब इस परीक्षा का आयोजन नए सिरे से किया जाएगा।
1. सीबीआई (CBI) करेगी पूरे मामले की जांच
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दिया गया है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रश्न पत्र की पीडीएफ फाइल कथित तौर पर केरल से राजस्थान के सीकर में सर्कुलेट हुई थी। राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार, 320 में से करीब 120 सवाल लीक होने की बात सामने आई है।
2. राहुल गांधी का “भ्रष्ट व्यवस्था” पर प्रहार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम को युवाओं के भविष्य के साथ ‘अपराध’ करार दिया है। उन्होंने कहा:
- नीलामी बनी परीक्षा: “यह अब कोई परीक्षा नहीं रही, नीट अब एक नीलामी बन गई है।”
- पूँजी बनाम परिश्रम: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने 22 लाख छात्रों के सपनों को कुचल दिया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर तकदीर पैसे और पहुँच से तय होगी, तो शिक्षा का क्या मतलब?
- विषकाल: उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘अमृतकाल’ को छात्रों के लिए ‘विषकाल’ बताया।
3. छात्रों के लिए राहत और चुनौतियाँ
एनटीए ने दोबारा परीक्षा (Re-exam) के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाएगी और पहले की फीस वापस की जाएगी।
- नया रजिस्ट्रेशन नहीं: दोबारा आवेदन करने की ज़रूरत नहीं होगी, पुराने डेटा के आधार पर ही नए एडमिट कार्ड जारी होंगे।
- केंद्रों में बदलाव नहीं: परीक्षा केंद्र यथावत रखने का प्रयास किया जाएगा।
📝 विशेष कॉलम: मोरबतियाँ (लेखक: तारिक आज़मी)

काका का नज़रिया: “बबुआ, जब डॉक्टर बनने का सपना देखने वालों के भविष्य को व्हाट्सऐप ग्रुप पर 5-5 हज़ार में नीलाम किया जाए, तो समझो कि सिस्टम में ‘कैंसर’ फैल चुका है; सीबीआई जांच तो ठीक है, पर उन आंसुओं का क्या जो 22 लाख घरों में बह रहे हैं?”
आज नीट परीक्षा के इस महा-लीक कांड पर काका का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
काका बोले: “बबुआ, किसी बाप ने कर्ज़ लिया होगा, किसी माँ ने अपने गहने गिरवी रखे होंगे ताकि बच्चा डॉक्टर बन सके। पर यहाँ तो पर्चा ही बिक गया! राहुल गांधी साहब ने ठीक कहा कि ई ‘नीलामी’ है। विनोद जाखड़ और एनएसयूआई के लड़के सड़कों पर सही सवाल पूछ रहे हैं—अगर सरकार पर्चा नहीं करा सकती, तो सत्ता में बैठने का हक क्या है? राजस्थान से केरल तक बिछी ई ‘भ्रष्टाचार की जाली’ बहुत गहरी है।”
मैंने पूछा— “काका, क्या दोबारा परीक्षा समाधान है?”
काका का जवाब: “बबुआ, दोबारा परीक्षा देना तो मजबूरी है, पर उन बच्चों के ‘मानसिक तनाव’ का क्या? 22 लाख बच्चों का दोबारा परीक्षा देना कोई मज़ाक नहीं है। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया की बातें तब तक बेमानी हैं, जब तक एक गरीब का बच्चा अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर न बन सके’।”
📊 नीट (UG) 2026: एक नज़र में (Fact Box)
| विवरण | जानकारी |
| कुल परीक्षार्थी | लगभग 22 लाख |
| रद्द होने का कारण | राजस्थान और केरल में पेपर लीक के साक्ष्य |
| जांच एजेंसी | सीबीआई (CBI) |
| अगली परीक्षा | जल्द घोषित होगी (नया रजिस्ट्रेशन नहीं होगा) |
| विपक्ष का रुख | “शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार” का आरोप |











