‘बिल्थरा रोड में गूंजा “शारदानंद अंचल अमर रहें” का नारा; पुण्यतिथि पर भावुक हुए हजारों समर्थक, 2027 में अखिलेश सरकार बनाने का लिया संकल्प!’
बलिया: जननायक स्वर्गीय शारदानंद अंचल की 16वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब। पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी और विधायक जयप्रकाश अंचल ने दी श्रद्धांजलि। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिल्पी राज और मोहन सिंह राठौड़ ने बांधा समां। 2027 में सपा सरकार बनाने का लिया संकल्प। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

उमेश गुप्ता
बिल्थरा रोड, बलिया (PNN24 News): उभाव चौराहे पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और शोषितों-वंचितों की बुलंद आवाज कहे जाने वाले जननायक स्वर्गीय शारदानंद अंचल जी की 16वीं पुण्यतिथि गौरव और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थकों और नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।
1. अन्याय के खिलाफ संघर्ष की पहचान थे अंचल जी: रामगोविंद चौधरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अंचल जी ने पूरी उम्र गरीब और कमजोर समाज की लड़ाई लड़ी। उन्होंने अंचल जी को अन्याय के खिलाफ संघर्ष की एक मिसाल बताया और कहा कि उनके विचार आज भी समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
2. पिता से सीखी जमीन की राजनीति: जयप्रकाश अंचल
बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने अपने पिता को याद करते हुए भावुक स्वर में कहा कि उन्होंने राजनीति की पहली शिक्षा अपने पिता से ही प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने हमेशा जमीन से जुड़कर जनता की सेवा करना सिखाया। जयप्रकाश अंचल ने आयोजनकर्ता राजेश पासवान को इतने भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद भी दिया।
3. सेवा ही राजनीति का असली माध्यम: राजेश पासवान
कार्यक्रम के आयोजक राजेश पासवान ने स्वर्गीय अंचल जी को अपना राजनीतिक गुरु बताया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि अंचल जी के सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बीते 18 अप्रैल को हल्दीरामपुर छपिया अग्निकांड के 76 पीड़ित परिवारों के लिए दो ताली बांस और दो ताली ढूंढ की व्यवस्था कराई है, ताकि वे अपना आशियाना फिर से खड़ा कर सकें।
4. शिल्पी राज और मोहन सिंह राठौड़ की प्रस्तुति
श्रद्धांजलि सभा में सांस्कृतिक रंग भी बिखरे। भोजपुरी जगत की चर्चित गायिका शिल्पी राज और गायक मोहन सिंह राठौड़ ने अपने गीतों से समां बांध दिया। देर रात तक लोग इन कलाकारों की प्रस्तुति पर झूमते रहे और अंचल जी को याद किया।











