‘राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार बोले CM योगी: “चिंता मत कीजिए, 15 दिन में होगा दूध का दूध-पानी का पानी; कोई अपराधी बचेगा नहीं”; नृपेंद्र मिश्र ने PMO को भेजी रिपोर्ट’
अयोध्या राम मंदिर ब्रेकिंग: दान और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों पर सीएम योगी आदित्यनाथ का पहला बयान। मुख्यमंत्री ने कहा— एसआईटी (SIT) गठित, 15 दिन में होगा 'दूध का दूध और पानी का पानी'। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने पीएमओ (PMO) को सौंपी रिपोर्ट; ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल। पढ़ें PNN24 की मुकम्मल रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
लखनऊ (PNN24 News): अयोध्या स्थित प्रभु श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हुई कथित गड़बड़ी और चोरी के गंभीर आरोपों पर आखिरकार सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर पहली बार खुलकर बात की। सीएम योगी ने रामभक्तों से संयम बरतने की अपील करते हुए घोषणा की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए हाई-लेवल एसआईटी (SIT) का गठन हो चुका है और महज 15 दिनों के भीतर पूरी सच्चाई देश के सामने होगी।
🛑 “अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं” — मुख्यमंत्री
अयोध्या के मंच से रामभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों और अफवाह फैलाने वालों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा:
“रामभक्तों से मेरी विनम्र अपील है कि अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रचने वालों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। आप लोग चिंता मत कीजिए, बस 15 दिन का इंतज़ार कीजिए। एसआईटी गठित कर दी गई है, जो दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। सब कुछ पूरी तरह साफ़ हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने मामले से जुड़े सभी पक्षों और ट्रस्ट के लोगों को नसीहत देते हुए आगे कहा, “सभी संबंधित लोगों से मेरी अपील है कि वे जांच के बीच में बार-बार बयानबाजी न करें। एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आने का इंतज़ार करें। यह पूरी तरह तय है कि अगर इस पावन धाम के चढ़ावे में किसी ने भी हेराफेरी की है या कोई भी अपराधी है, तो वह किसी भी कीमत पर बचेगा नहीं।”
📉 “निगरानी में चूक हुई, पीएम भी चिंतित” — नृपेंद्र मिश्र
सीएम योगी के बयान से ठीक पहले, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ‘मंदिर निर्माण समिति’ के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। नृपेंद्र मिश्र के बयान से साफ है कि मामला बेहद गंभीर है और दिल्ली (PMO) तक इसकी गूंज है:
- सांठगांठ से इनकार, पर चूक स्वीकारी: नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि चढ़ावा चोरी को किसी संगठित ‘सांठगांठ’ (Nexus) का नाम देना गलत होगा, लेकिन यह सच है कि दान की गिनती की निगरानी (Supervision) में बहुत बड़ी चूक और लापरवाही हुई है।
- प्रधानमंत्री भी चिंतित: उन्होंने बताया कि अयोध्या जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की वित्तीय लापरवाही के सामने आने से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बेहद चिंतित हैं।
- PMO को सौंपी रिपोर्ट: नृपेंद्र मिश्र ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा, “मैंने इस पूरे घटनाक्रम और प्रशासनिक चूक को लेकर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों ने समय रहते नीचे के कर्मचारियों की जवाबदेही तय नहीं की, यही उनकी सबसे बड़ी ग़लती रही है।” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मंदिर निर्माण समिति’ का काम सिर्फ निर्माण देखना है, वित्तीय और दान के प्रबंधन से उनका कोई सीधा वास्ता नहीं है।











