‘अयोध्या में वकीलों का बड़ा ऐलान: राम मंदिर मामले के अभियुक्तों की पैरवी पर रोक; उल्लंघन करने पर 5 लाख जुर्माना, चंपत राय सहित 3 को 3 दिन में शहर छोड़ने का अल्टीमेटम’

अयोध्या से बड़ी खबर: फैजाबाद बार एसोसिएशन का ऐतिहासिक फैसला, राम मंदिर मामले के अभियुक्तों की पैरवी नहीं करेंगे वकील। नियम तोड़ने वाले वकील पर लगेगा 5 लाख का जुर्माना, रद्द होगी सदस्यता। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को ३ दिन में अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम; शहर की नाकाबंदी की चेतावनी। धारा 156(3) और सीबीआई (CBI) जांच की मांग। पढ़ें PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

तारिक आज़मी

अयोध्या/फैजाबाद (PNN24 News): श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े एक मामले को लेकर अयोध्या के न्यायिक परिसर में भारी सरगर्मी और उबाल देखा जा रहा है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सोमवार को आयोजित अपनी महत्वपूर्ण आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि बार का कोई भी वकील राम मंदिर मामले से जुड़े अभियुक्तों की कानूनी पैरवी (बचाव) नहीं करेगा। वकीलों के इस अप्रत्याशित और कड़े कदम ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को एक नया और बेहद गंभीर मोड़ दे दिया है।

⚖️ 5 लाख का जुर्माना और सदस्यता होगी समाप्त

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने इस विधिक बहिष्कार को कड़ाई से लागू करने के लिए कड़े दंड का भी प्रावधान किया है। बार एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव के मुताबिक:

  • भारी जुर्माना: यदि बार एसोसिएशन का कोई भी सदस्य (अधिवक्ता) इस सामूहिक फैसले की अवहेलना करते हुए इन अभियुक्तों की ओर से अदालत में खड़ा होता है या उनकी पैरवी करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
  • सदस्यता रद्दीकरण: जुर्माना लगाने के साथ ही उस अधिवक्ता की बार एसोसिएशन से प्राथमिक सदस्यता को तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा।

🚨 चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को 3 दिन का अल्टीमेटम

बार एसोसिएशन की इस हंगामेदार बैठक में केवल कानूनी बहिष्कार ही नहीं हुआ, बल्कि वकीलों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने जोरदार ढंग से मांग की है कि ये तीनों शख्स तुरंत अयोध्या छोड़ दें। बार एसोसिएशन ने प्रशासन और उक्त लोगों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ये तीनों व्यक्ति अगले तीन दिन के भीतर अयोध्या से बाहर नहीं जाते हैं, तो पूरे शहर की पूर्ण रूप से नाकाबंदी (Chakka Jam) कर दी जाएगी और किसी भी बाहरी व्यक्ति या वीआईपी को शहर की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

🏛️ कोर्ट में धारा 156(3) के तहत अर्जी और CBI जांच की मांग

कानूनी मोर्चे पर घेराबंदी मजबूत करने के लिए बार एसोसिएशन ने बड़ा ऐलान किया है। एसोसिएशन चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्थानीय अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) [अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुरूप] के तहत आवेदन दायर करेगी। इसके साथ ही बार एसोसिएशन ने पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है।

🗣️ साल 2005 के इतिहास को वकीलों ने फिर दोहराया

दरअसल, यह पूरा मामला राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय जनता और विधिक समाज में भारी आक्रोश है। बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने बैठक के बाद आधिकारिक बयान देते हुए कहा:

“राम मंदिर में प्रभु के चढ़ावे की चोरी की घटना से हम सभी की धार्मिक और व्यक्तिगत भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। इसी के चलते फैजाबाद के समस्त वकीलों ने स्वेच्छा और एकजुटता से इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की पैरवी न करने की सहमति जताई है।”

यह पहला मौका नहीं है जब फैजाबाद के वकीलों ने ऐसा कड़ा राष्ट्रभक्ति और जनभावनाओं से जुड़ा फैसला लिया हो। इससे पहले साल 2005 में भी बार एसोसिएशन ने इतिहास रचा था, जब राम मंदिर परिसर पर हुए कायरतापूर्ण चरमपंथी (आतंकवादी) हमले के आरोपियों को फैजाबाद कोर्ट में पेश किया गया था; तब भी यहाँ के वकीलों ने देशहित में आतंकियों की पैरवी करने से साफ इनकार कर दिया था।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *