‘राम मंदिर चंदा विवाद में प्रियंका चतुर्वेदी का गर्जन: बोलीं— “भक्तों का चढ़ावा जेब में भरना महापाप, BJP की कोई श्रद्धा नहीं”; अयोध्या पहुंची high-level SIT, विपक्ष को जांच पर भरोसा नहीं!’
अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी का बीजेपी पर तीखा हमला, कहा- 'श्रद्धालुओं का चढ़ावा जेब में भरना सबसे बड़ा पाप है, भाजपा सिर्फ वोटों के लिए राजनीति करती है'। आईएएस विजय विश्वास पंत और आईपीएस किरण एस की अगुवाई में 3 सदस्यीय एसआईटी जांच के लिए अयोध्या पहुंची। विपक्ष ने SIT पर जताया अविश्वास, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से जांच की मांग। पढ़ें PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

तारिक खान
लखनऊ (PNN24 News): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर उठा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष लगातार आक्रामक है। शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है। वहीं, चौतरफा राजनीतिक दबाव के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गठित हाई-प्रोफाइल विशेष जांच दल (SIT) ग्राउंड जीरो यानी अयोध्या पहुंच चुका है, जहां वित्तीय दस्तावेजों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है।
💥 “इससे बड़ा पाप नहीं हो सकता, यह सिर्फ वोटों की राजनीति है”— प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरे चंदा विवाद को आस्था पर चोट करार दिया। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
- चढ़ावा चोरी का आरोप: प्रियंका चतुर्वेदी ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “इससे बड़ा पाप दुनिया में और कोई नहीं हो सकता है कि आप भगवान के श्रद्धालुओं के पैसे भी चुरा लें। देश-विदेश से जो श्रद्धालु अपनी अटूट आस्था के साथ अयोध्या आते हैं, उनका चढ़ाया गया दान भी अगर आपने अपनी जेब में भर लिया है, तो यह महापाप है।”
- श्रद्धा और भक्ति पर उठाए सवाल: भाजपा पर चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा, “भारतीय जनता पार्टी हर जगह पूरा श्रेय लेती फिरती है कि राम मंदिर सिर्फ उनकी वजह से बना है। लेकिन हकीकत यह है कि इन्हें न तो धर्म में विश्वास है, न प्रभु में श्रद्धा है और न ही भक्ति है। ये सिर्फ और सिर्फ वोट पाने के लिए मजहब की राजनीति करते हैं।”
- SIT जांच पर बड़ा दावा: शिवसेना नेता ने दावा किया कि अब तक जो भी प्राथमिक विसंगतियां बाहर आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं। अगर निष्पक्ष जांच हुई तो इस एसआईटी की पड़ताल में इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला उजागर होगा।
🕵️♂️ अयोध्या पहुंची ३ सदस्यीय SIT; वित्तीय फोरेंसिक जांच शुरू
राजनीतिक बयानों के बीच, प्रशासनिक मोर्चे पर कार्रवाई की रफ्तार तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को आधिकारिक तौर पर अयोध्या पहुंच गया:
- कड़े सुरक्षा घेरे में जांच: टीम के अध्यक्ष वरिष्ठ IAS विजय विश्वास पंत, तेजतर्रार IPS किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन ने अयोध्या पहुंचते ही मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय अधिकारियों, बैंक खातों के विवरण और दान पेटियों (Donation Boxes) से जुड़े दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया है।
- अकाउंट्स का ऑडिट: यह टीम चंदे के रूप में आए डिजिटल ट्रांजैक्शन, चेक और नकद राशि के मिलान के लिए वित्तीय फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह विशेष दल अपनी विस्तृत और सीलबंद रिपोर्ट सीधे उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगा।
⚖️ विपक्ष का SIT पर अविश्वास; सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की अड़ी
भले ही योगी सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिखित अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस एसआईटी का गठन किया हो, लेकिन देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने इस जांच दल की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस, सपा और शिवसेना (यूबीटी) समेत समूचे विपक्ष ने इस सरकारी एसआईटी पर पूरी तरह अविश्वास जताया है। विपक्षी नेताओं का साझा आरोप है कि राज्य सरकार के अधीन काम करने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस हाई-प्रोफाइल मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएंगे और इसमें ‘लीपापोती’ की आशंका ज्यादा है। विपक्ष ने पुरज़ोर मांग उठाई है कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील वित्तीय हेराफेरी के मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के किसी सेवानिवृत्त (Retrieved) न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र कमेटी से कराई जानी चाहिए।










