‘राम मंदिर घोटाला: चंपत राय के बाद अब गोपाल राव पर गिरी विधिक गाज; ट्रस्ट की बैठकों से पत्ता साफ होने पर भड़के राव— बोले, “SIT रिपोर्ट आने दो, मीडिया पर करूंगा मानहानि का मुकदमा!”‘
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: चंपत राय के बाद प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राव पर बड़ी गाज; ट्रस्ट की बैठकों से हमेशा के लिए किए गए बाहर। विधिक कार्रवाई पर गोपाल राव ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया पर भड़के— कहा "फैलाया जा रहा झूठ का बाजार, SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद करूंगा मानहानि का केस।" पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
अयोध्या (PNN24 News): अयोध्या राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी और महाघोटाले के विधिक मामले ने पूरी अयोध्या से लेकर देश की सियासत तक को हिलाकर रख दिया है। सोमवार 6 जुलाई 2026 को हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपातकालीन विधिक बैठक में जहां एक तरफ महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा विधिक तौर पर स्वीकार किया गया, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के दैनिक प्रशासन और संचालन व्यवस्था के सबसे बड़े सिपहसालार गोपाल राव पर अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

🚪 बैठकों से ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ का विधिक दर्जा खत्म
विधिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गोपाल राव राम मंदिर ट्रस्ट के मूल या स्थाई सदस्य (Trustee) नहीं थे। हालांकि, मंदिर की दैनिक दर्शन व्यवस्था, वीआईपी पास मैनेजमेंट और ग्राउंड संचालन से जुड़े होने के कारण उन्हें ट्रस्ट की हर महत्वपूर्ण विधिक बैठक में ‘विशेष आमंत्रण’ (Special Invitee) पर हमेशा बुलाया जाता था।
लेकिन सोमवार को हुई महाबैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष और विधिक बोर्ड ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि प्रशासनिक लापरवाही और संदेहास्पद निगरानी के चलते गोपाल राव को आगे से ट्रस्ट की किसी भी विधिक या रणनीतिक बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी कतई नहीं बुलाया जाएगा। तकनीकी रूप से उन्हें मंदिर के दैनिक प्रशासन से पूरी तरह विस्थापित कर दिया गया है।
⚖️ “झूठ का बाजार गर्म है, मैं मानहानि का मुकदमा ठोकूंगा”— गोपाल राव
अपने ऊपर हुई इस बड़ी विधिक कार्रवाई और लगातार लग रहे गंभीर वित्तीय आरोपों पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गोपाल राव ने मीडिया से बेहद कड़े लहजे में बात की। उन्होंने बेहद आक्रामक विधिक तेवर अपनाते हुए कहा:
“हम अभी किसी भी मीडिया संस्थान या बाहरी लोगों से इस विषय पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं कर रहे हैं। इस वक्त हर तरफ सिर्फ और सिर्फ झूठ, मनगढ़ंत कहानियों और अफवाहों का बाजार गर्म है। जो खबरें दिखाई जा रही हैं, उनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है।”
उन्होंने आगे विधिक विकल्प खुले होने की बड़ी चेतावनी देते हुए कहा:
“मैं इस मुद्दे पर अभी मौन हूँ और तभी अपना मुंह खोलूंगा जब एसआईटी (SIT) की अंतिम और आधिकारिक विधिक रिपोर्ट सबके सामने आ जाएगी। उस रिपोर्ट के आने के बाद मेरे पास कानूनन कई मजबूत विधिक विकल्प मौजूद होंगे, जैसे— झूठी खबरें चलाकर मेरी छवि धूमिल करने वाले मीडिया घरानों पर ‘मानहानि का मुकदमा’ (Defamation Lawsuit) दर्ज कराना। मीडिया के लोगों ने टीआरपी के चक्कर में बहुत ही गलत और भ्रामक खबरें दिखाई हैं, जिससे उनकी खुद की विश्वसनीयता पर गहरा विधिक सवाल खड़ा होता है। मैं समय आने पर पूरे साक्ष्यों के साथ अपनी विस्तृत बात रखूंगा।”
🚨 अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार, जांच अंतिम चरण में
राम मंदिर के दानपात्रों की विधिक गिनती के दौरान पकड़ी गई इस करोड़ों रुपये की कथित ‘चढ़ावा चोरी’ के मामले में पुलिस और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) बैक-टू-बैक बड़ी विधिक कार्रवाइयां कर रहा है।
- 8 गिरफ्तारियां: पुलिस महानिरीक्षक और एसआईटी के विधिक इनपुट के मुताबिक, इस सिंडिकेट से जुड़े अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिनमें बैंक कर्मचारी और मंदिर परिसर के कुछ सुरक्षाकर्मी व दैनिक कर्मी शामिल हैं।
- इस्तीफों का दौर: इससे पहले, नैतिक और विधिक जवाबदेही तय होने के कारण ट्रस्ट के सर्वेसर्वा और महामंत्री चंपत राय तथा अनिल मिश्रा अपने विधिक पदों से लिखित इस्तीफा दे चुके हैं, जिनकी जगह पूर्व आईएफएस (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री का विधिक प्रभार सौंपा गया है।
आगामी 22 जुलाई 2026 को होने वाली ट्रस्ट की अगली बड़ी विधिक बैठक में एसआईटी की फाइनल क्लोजर रिपोर्ट पेश की जा सकती है, जिसके बाद अयोध्या के इस सबसे बड़े धार्मिक-वित्तीय घोटाले में कई और सफेदपोशों और बड़े नामों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। PNN24 News इस पूरे मामले की हर एक विधिक और खोजी अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।











