‘गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत: शस्त्र लाइसेंस केस में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक; जांच रहेगी जारी, 10 अगस्त को अगली सुनवाई’
गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत! शस्त्र लाइसेंस से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई अंतरिम रोक। हालांकि एफआईआर रद्द करने और जांच पर रोक लगाने से किया इनकार। अब 10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई। पढ़ें PNN24 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

शहनवाज़ अहमद
गाजीपुर/प्रयागराज (PNN24 News): गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को चर्चित शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।

📋 क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने गाजीपुर में सांसद अफजाल अंसारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक गंभीर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।
मुख्य आरोप:
- शस्त्र लाइसेंसों की मूल सरकारी फाइलों को गायब कराना।
- कूटरचित (फर्जी) पते का इस्तेमाल कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करना।
- लाइसेंस प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और हेरफेर करना।
इस एफआईआर में नवगठित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत गंभीर धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, दर्ज एफआईआर में कुछ धाराएं ऐसी हैं जिनमें दोष सिद्ध होने की स्थिति में अधिकतम उम्रकैद (आजीवन कारावास) तक का प्रावधान है।
⚖️ हाईकोर्ट में अफजाल अंसारी की याचिका और सुनवाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद अफजाल अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एफआईआर को रद्द (Quash) करने और पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान अफजाल अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने अदालत में उनका पक्ष रखा और एफआईआर के कानूनी पहलुओं को चुनौती दी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने अफजाल अंसारी को अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हालांकि, कोर्ट ने एफआईआर को निरस्त करने या जारी पुलिस जांच (Investigation) को रोकने से साफ इनकार कर दिया।
🔮 10 अगस्त की सुनवाई होगी बेहद अहम
कानूनी मोर्चे पर अफजाल अंसारी के लिए गिरफ्तारी से राहत मिलना एक बड़ा बचाव माना जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले की भावी दिशा और कानूनी स्थिति तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।










