इलेक्ट्रिसिटी अमेण्डमेंट बिल के विरोध मैं 8 व 9 जनवरी को 15 कर्मचारी यूनियन की देशव्यापी हड़ताल

आदिल अहमद
कानपुर। 8 व 9 जनवरी को होने वाली देश व्यापी हड़ताल में शामिल विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों संग बैठक कर प्रदर्शन की रुप रेखा तय की। बताते चले कि विद्युत विभाग मे निजीकरण के अलावा पुरानी पेंशन बहाली जैसी मुख्य मांगों को लेकर 15 कर्मचारी यूनियन ने दो दिवसीय हड़ताल मे शामिल होने का ऐलान किया था।
इलेक्ट्रिकसिटी अमेण्डमेंट बिल 2018 के साथ ही विद्युत विभाग में निजीकरण व पुरानी पेँशन बहाली जैसी मुख्य मांगों को लेकर बिजली विभाग के 15 कर्मचारी यूनियन ने 8 और 9 जनवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल मे शामिल होने का ऐलान किया था। जिसको लेकर पूरे प्रदेश में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी घूम घूम कर कर्मचारियों से एकजुटता का आह्रवाहन कर रहे है। उसी के तहत बुधवार को केस्कों मुख्यालय गेट पर एक सभा का आयोजन किया गया। संघर्ष समिति के सदसयों का कहना है कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में निजी घरानों के घोटाले से बेैंको का ढाई लाख करोड रूपये पहले ही फंसा हुआ है।
फिर भी निजी घरानों पर कोई कठोर कार्यवाही करने के बजाय केंद्र सरकार नए बिल के जरिये बिजली आपूर्ति निजी घरानो को सौंपकर और भी बडे घोटाले की तैयारी कर रही है। पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर विद्युत विभाग मे निजीकरण बर्दाश्त नही किया जाएगा और अगर केद्र सरकार इलेक्ट्रिसिटी अमेण्डमेंट बिल 2018 को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने की कोशिश करती है तो बिना किसी नोटिस के पूरे देश भर में बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन ह़ड़ताल पर चले जाएंगे। सभा में शैलेन्द्र दुबे, कपिल मुनी प्रकाश,राजीव सिह,मनीष कुमार गुप्ता,अश्वनी चतुर्वेदी,भगवान मिश्रा,वीके अवस्थी,शंशाक अग्रवाल,गौरव दीक्षित आदि मौजूद रहे।

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