सेना के अधिकार क्षेत्र में आती है फूलबाग मंडी की जमीन, फूलबाग फल मंडी हटाने को लेकर जारी है विरोध

मो कुमैल

कानपुर। फूल बाग में वर्षों से लग रही फल मंडी को आज नगर निगम की टीम हटाने पहुंची तो व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पुलिस ने भी व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने पहले घोषणा की कि यह जगह सेना क्षेत्र के आधीन आती है। शाम तक मंडी की दुकाने हटा लें यहां पोल गाड़ कर मार्किंग की जायेगी। इसके बाद फल मंडी दुकान दारों ने फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया।

इसके पहले सेना के एक दस्ते ने भी इस जगह का निरीक्षण कर अवैध फल मंडी को हटाने के लिए निर्देश सुबह दिये थे। हंगामे के बीच दुकानदारों ने यह आरोप लगाया कि भगवतदास घाट पर कई लोगों ने कब्जा कर बिल्डिंगे तक बना लीं है। जिन पर मिली भगत के चलते कभी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।

नगर निगम अधिकारियों ने दुकानदारों को यह कह कर शांत करने की कोशिश की कि भगवत दास घाट के कब्जेदारों ने हाईकोर्ट से मुकदमा हारने के बाद सुप्रीमकोर्ट में वाद दायर कर रखा है। कोर्ट से जैसे ही कोई आदेश इस संबंध में दिया जाता है वैसे ही इस पर कार्यवाही की जायेगी। वैसे वो जमीन नगर निगम के आधीन है या सेना के आधीन इसकी स्पष्ट जानकारी के लिए नगर निगम की टीम कैंटोंमेट बोर्ड आफिस गयी है। मंडी के व्यापारियों को 2 से 3 दिन का समय दिया जाता है। अगर वह खुद ही अपनी दुकाने हटा लेते हैं तो ठीक वरना गिरा दी जायेंगी।

कानपुर शहर में फूल बाग की फल मंडी जो कि कई वर्षों पुरानी बतायी जाती है। शासन के आदेश पर आज नगर निगम की टीम व संबंधित थाने का फोर्स उसे हटाने के लिए पहुंचा तो वहां के व्यापारियों में इस बात को लेकर काफी रोष देखने को मिला। काफी जदोजहद के बाद आखिर में अधिकारियों ने दुकानदारों को साफ कहा कि आप लोगों को तो यहां से अपनी अपनी दुकान हटानी होंगी। इसके लिए हम आपको 2 दिन का समय दे रहें है। अब आप लोग खुद से अपनी दुकाने हटा लेंगे तो बेहत नहीं तो मजबूरन हमें बुल्डोजर चलाना पड़ेगा। बता दें कि यह जमीन सेना के अंडर में आती है और इस समय सेना शहर से अपनी जमीन को खाली कराने का अभियान भी चला रही है जिसके चलते आज फूल बाग फल मंडी का नम्बर था।

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