सड़क पर चलते मजदूरों को क़र्ज़ नही उनके जेब में पैसो की ज़रूरत है, सरकार साहूकार न बने, उनको क़र्ज़ नही पैसे दे – राहुल गाँधी

तारिक आज़मी

नई दिल्ली: जो प्रवासी मजदूर सडको पर चल रहे है उनको क़र्ज़ नही बल्कि जेब में पैसे चाहिये। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से बात किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय योजना को लागू करने की मांग किया। राहुल गांधी ने मां और बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बच्चों को चोट लगती है तो मां बच्चे को कर्ज नहीं देती है,वो मदद करती है।

राहुल गांधी ने कहा कि जो प्रवासी मजदूर सड़क पर चल रहा है, उसे कर्ज की नहीं जेब में पैसे की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। लोगों को आज पैसे की जरूरत है। ऐसे में सरकार को साहूकार के जैसे काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैंने सुना है कि पैसे न देने का कारण रेटिंग है, अगर आज हमने थोड़ा घाटा बढ़ा दिया तो बाहर की एजेंसियां भारत की रेटिंग कम कर देंगी और हमारा नुकसान होगा। मैं प्रधानमन्त्री से कहना चाहता हूं कि हमारी रेटिंग किसान,मजदूर बनाते हैं। आज उन्हें हमारी जरूरत है, रेटिंग के बारे में मत सोचिए। हिन्दुस्तान की रेटिंग हिन्दुस्तान के लोगों से है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पैकेज में कर्ज की बात की गई है लेकिन इससे मांग शुरू नहीं होगी। मोदी सरकार को पैकेज पर फिर से विचार करना चाहिए, उसमें मांग को शुरू करने के लिए एक सेक्शन डालना चाहिए। पैसा देने की जरूरत है, अगर ऐसा नहीं किया तो बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।

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