कानपुर – ठाकुर राम सिंह का नाती, इतना बड़ा पापी, मस्जिद की छत पर किया 5 साल की मासूम से विशाल ठाकुर ने बलात्कार, हुआ गिरफ्तार

आदिल अहमद

कानपुर। कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र के माल रोड स्थित फाई साहब के हाते में एक पांच साल की मासूम बच्ची के साथ मस्जिद की छत पर विशाल ठाकुर नाम के एक युवक ने बलात्कार की घृणित घटना को अंजाम दिया। जिस मस्जिद के कारण इस विशाल ठाकुर का पूरा खानदान पल पोस रहा है। उस मस्जिद की छत पर ऐसी घृणित घटना से क्षेत्र में उबाल आ गया। मौके पर सैकड़ो लोगो की भीड़ इकठ्ठा हो गई। सुचना पर पहुची पुलिस ने किसी तरह विशाल ठाकुर जो खुद को उसी मस्जिद के छत पर बंद किये हुवे था को आम जनता के कोप भाजन से किसी तरह बचाया और थाने लेकर आई। थाने पर पीडिता के पिता की तहरीर पर पाक्सो और बलात्कार की धाराओ में मुकदमा दर्ज कर विशाल ठाकुर को जेल भेज दिया गया। क्षेत्र में घटना को लेकर ख़ासा आक्रोश है।

घटना के सम्बन्ध में प्राप्त समाचार के अनुसार मालरोड के फाई साहब का हाता स्थित मस्जिद रहीम शाह है। इस मस्जिद की देख रेख का ज़िम्मा ठाकुर राम सिंह ने ले लिया था। राम सिंह ठाकुर लोगो को झाड फुक करके अपना और अपने परिवार का खर्च चलाता था। ठाकुर राम सिंह का सभी परिवार मस्जिद से सटे हुवे एक मकान में रहता था। राम सिंह के मृत्यु के उपरांत उसका बड़ा बेटा प्रताप भान गद्दी पर आसीन हुआ। रामसिंह ठाकुर की दो बेटियों का विवाह होने के बाद दोनों भी मस्जिद के पास बने घरो में ही रहती है। इनमे से छोटी बेटी का पुत्र है विशाल ठाकुर। मस्जिद के अन्दर विशाल ठाकुर का आना जाना आवास की तरह होता है।

दिनांक 9 जुलाई को रात 8 बजे के करीब विशाल ठाकुर उर्फ़ धन्नू शराब के नशे में धुत था। तभी इसकी नज़र मस्जिद के बाहर खेल रही 5 साल की मासूम बच्ची पर पड़ी। उस मासूम को चिप्स की लालच देकर उसको मस्जिद की छत पर लेकर चला गया और उसके साथ बलात्कार जैसी घृणित घंटना को अंजाम दिया। बच्ची खून से लतफत जब मस्जिद के बाहर रोटी बिलखती निकली तो मोहल्ले के लोगो को मामले की जानकारी हुई। तत्काल मासूम को उर्सला अस्पताल भेजा गया जहा नाज़ुक हालत के कारण बच्ची को चिकित्सको ने एडमिट कर लिया।

इधर घटना की सुचना जंगल में आग की तरह आस पास के इलाको में फ़ैल गई। बताया जाता है कि विशाल ठाकुर का मामा प्रताप भान जो एक अधिवक्ता भी है और गद्दी भी संभालता है मौका देखकर घर से भाग गया। इधर विशाल ठाकुर ने खुद को मस्जिद के छत पर ही बंद कर लिया। सुचना पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुच गया। उत्तेजित जनता सड़क पर इन्साफ करने को आमादा थी। सभी को आक्रोश था कि ऐसा घिनौना अपराध उनके क्षेत्र में हो गया। विशाल ठाकुर उर्फ़ धन्नू के परिवार में सभी पुरुष मौके की नजाकत देख कर फरार हो चुके थे।

इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं के हाथ विशाल ठाकुर की माँ पड़ गई। काफी बीच बचाओ के बावजूद महिलाओ ने उसकी माँ को जमकर कूट दिया। पुलिस ने काफी मुश्किलों के बाद विशाल ठाकुर की माँ को बचाया। इधर भीड़ विशाल ठाकुर का इन्साफ सड़क पर करने को बेताब दिखाई दे रही थी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस विशाल ठाकुर को निकाल कर किसी तरह थाने लेकर गई। थाना कैंट पर भी भीड़ काफी इकठ्ठा थी। बड़ी मुश्किलों के बाद थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी ने मामले में लोगो को समझाया और समझा कर घर भेजा। इस दौरान जनता के द्वारा विशाल ठाकुर की कुटाई भी हो चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विशाल ठाकुर उर्फ़ धन्नू को जेल भेज दिया है।

ठाकुर राम सिंह के परिवार ने कर रखा है मस्जिद पर कब्ज़ा – क्षेत्रीय नागरिक

ठाकुर राम सिंह अपनी मृत्यु के पहले ही पूरी मस्जिद पर कब्ज़ा करना चाहता था। राम सिंह ठाकुर का मुख्य कारोबार मस्जिद में बैठ कर फुक झाड करना था। राम सिंह ठाकुर के द्वारा खुद को मुस्लिम धर्म अपना लेने की घोषणा किया जा चूका था। वही बकिया परिवार भी मस्जिद के परिसर में बने आवास में रहता था जी आज भी निवास करता है। मस्जिद की कमेटी में हमेशा राम सिंह ठाकुर के द्वारा दखलअदाज़ी किया जाता था।

राम सिंह ठाकुर के मरने के बाद विवाद की स्थिति भी उस समय पैदा हो गई जब राम सिंह ठाकुर को मस्जिद के अन्दर दफनाने के लिए परिजनो ने बवाल मचाया था। मगर क्षेत्र के नागरिको के भारी विरोध के चलते मस्जिद के आगन में स्थित एक कोने में राम सिंह ठाकुर की मज़ार बनी। क्षेत्रीय नागरिको का कहना है कि मज़ार के नाम पर मस्जिद पर कब्ज़ा करने के लिए ठाकुर राम सिंह के पुत्र प्रताप भान ने ये सियासी खेल खेला था। मगर कामयाब उस समय नही हो पाया।

ठाकुर राम सिंह के मरने के बाद मस्जिद की कमेटी का गठन हुआ। इस कमेटी में खुद प्रताप भान ने भी अपना स्थान सुरक्षित कर लिया। इस स्थान को सुरक्षित करने में मुख्य योगदान क्षेत्र के एक दर्जी अतीक का रहा। क्षेत्रीय नागरिको का कहना है कि इलाके में दर्जी की दूकान चलाने वाले अतीक के ठाकुर परिवार में अति निकटस्थ सम्बन्ध है। खुद की गोटी परिवार में मजबूत रखने और आवागमन शुरू रखने के लिए ये काम किया गया था। इसके बाद से मस्जिद के अन्दर कब्ज़ा कही न कही से ठाकुर परिवार का हो गया। राम सिंह ठाकुर के बनाये फुक झाड के साम्राज्य को उसका बेटा और नाती चलाने लगे और जमकर अध्यात्म के नाम का कारोबार जारी है।

अपराध का पुराना है नाता

शराब, गांजे के नशे में चूर रहने वाले परिवार के पुरुष सदस्यों और अपराध का पुराना नाता रहा है। विशाल ठाकुर के एक मौसी का बेटा दीपू भी इसके पहले एक बड़ी लूट में जेल जा चूका है। वही मस्जिद के अन्दर बैठ कर परिवार के लगभग हर पुरुष सदस्यों द्वारा फुकझाड को मुख्य कारोबार बनाया गया है। क्षेत्र में इसको लेकर काफी रोष की स्थिति पनप चुकी है। जो विरोध अभी तक ढके छुपे शब्दों में हो रहा था अब खुल कर सामने आने लगा है। अगर स्थित ऐसी ही रही तो एक दिन बड़ी घटना का कारण ठाकुर परिवार बन सकता है।

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