किसान आन्दोलन – चौथे दौर की वार्ता के बाद बोले केंद्रीय कृषि मंत्री, “सौहार्दपूर्ण रही बातचीत”, जबकि किसान बोले, “आन्दोलन वापसी का सवाल नही”

आदिल अहमद

नई दिल्ली:  कृषि कानूनों के विरोध में करीब आठ घंटे के बाद केंद्र सरकार और किसानों के बीच बैठक खत्‍म हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि बातचीत सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में हुई। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के साथ इस विषय पर ये चौथे चरण की बैठक थी। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर 2 बजे यूनियन के साथ फिर से बैठक होनी है और शायद उस दिन हम किसी निर्णय पर होंगे।

कृषि मंत्री से जब किसानों के आंदोलने समाप्त करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि आज हुई बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। वहीं दूसरी तरफ इस बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा है, “आंदोलन वापसी का कोई सवाल नहीं है। आज सरकार ने बातचीत की कोशिश की है लेकिन हमारी मांग है कि कानून वापस होना चाहिए। सरकार संशोधन की कोशिश में लगी है। सरकार ने विचार को लिए एक दिन का वक्त मांगा है। कल सुबह 11 बजे सभी किसान संगठनों की बैठक होगी। “

किसान नेताओं के साथ लगभग 8 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद कृषि मंत्री मीडिया से कहा, “सरकार खुले मन से किसानों के साथ चर्चा कर रही है। किसानों के साथ आज चौथे चरण की बैठक हुई। आज सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई। किसानों और सरकार ने अपना-अपना पक्ष रखा है।दो-तीन बिंदुओं पर किसानों की चिंता थी, हम हर मुद्दे पर खुले मन से बात कर रहे हैं, हमारा कोइ अहम नहीं है। मंडियों को सशक्‍त बनाने पर विचार हुआ। ट्रेडर का रजिस्ट्रेशन हो यह हम सुनिश्चित करेंगे।”

कृषि मंत्री आगे कहा, ” कोई विवाद होने पर एसडीएम कोर्ट या न्यायालय रहे ये यूनियन की चिंता थी। इस पर विचार करने के लिए हम पूरी तरह तैयार है। पराली के विषय पर ऑर्डिनेंस को लेकर किसानों की शंका है, विद्युत एक्ट को लेकर शंका है, उस पर भी सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। एक्ट के जो प्रावधान है उसमें किसानों को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान की गई है। फिर भी लोगों को शंका है तो उसका समाधान निकालने के लिए सरकार तैयार है।”

उन्‍होंने कहा कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के बारे में किसानों की चिंता है। यह पहले भी जारी था, जारी है और आगे भी रहेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि परसों यानी 5 दिसंबर को दोपहर को दोनों पक्षों की फिर बातचीत होनी है और उम्‍मीद है कि हम किसी सर्वसम्‍मत समाधान पर पहुंचेंगे। कृषि मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक में सरकार की ओर से उपस्थित थे।

कृषि मंत्री ने किसानों के आंदोलन को लेकर कहा, “आंदोलन समाप्त करने के लिए विषय पर कोई बात आज नहीं हुई। मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि सर्दी को देखते हुए किसान भाई आंदोलन समाप्त करें। बातचीत का सिलसिला जारी है। बातचीत के दरवाजे बंद नहीं है इसलिए किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करता हूं। ताकि दिल्ली के लोगों को जो परेशानी हो रही है वो भी दूर हो।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *