वाह रे दोस्त और वाह री दोस्ती – महज़ पाँच सौ रुपये के खातिर ले लिया दोस्त ने ही दोस्त की जान

फारुख हुसैन

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी में कानून के लंम्बे हाथो मे ब्लाइंड मर्डर के हत्यारे फस गए हैं चीन को संबंधित धाराओं में सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।  आप को बता दे 16 फरवरी सदर कोतवाली के ग्राम लाहौरी नगर में मिला छतविक्षत युवक का शव जिसे कुत्तों ने नोच,नोच कर हत्या के सबूतो को ही मिटा डाला था।

वही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि ना होने पर पुलिस के लिए चुनौती बना ब्लाइंड मर्डर लोहे के चने चबाने के बराबर था। वही खीरी जिले के पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने क्राइम ब्रांच की टीम को ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में लगाया। परिजनों की निशान देहि पर मृतक युवक की पहचान वीरपाल के नाम से हुई। क्राइम ब्रांच की टीम को आज 39 दिन बाद बड़ी कामयाबी हाँथ लगी। पुलिस गिरफ्त में खड़े यह तीन नकाब पोशों में हत्या का मास्टर माइंड कमलेश भी शामिल है।

हत्या आरोपी कमलेश से पुलिस की कड़ी पूछतांछ में कमलेश ने पुलिस के आगे हत्या का जुर्म कुबूल कर लिया। हत्या की वजह क्या थी इसे सुनकर आप भी चौक जाएंगे।वीरपाल की हत्या की वजह बनी जुवे में लगाई गई शर्त थी। अपने ऑटो की क़िस्त जमा करने आये मृत वीरपाल के साथ हत्या आरोपियों ने बैठ कर जुवे की फड़ बिछाई और शर्त रखी कि जो जीतेगा वाह हारने वाले को पांच सौ रुपये देगा फिर क्या था। मृतक वीरपाल को यह भी अहसास ना था कि यह जुवे की फड़ उसके मौत की बिसात बन जाएगी। हुआ भी यही हत्या के तीनो आरोपी जुवे में अपनी रकम हार गए। अब मृतक वीरपाल को अपनी शर्त पूरी करनी थी। हत्या के मास्टर माइंड कमलेश ने शर्त के पांच सौ रुपये मांगे जो वीरपाल ने देने से इनकार कर दिया। फिर शराब के नशे में धुत्त कमलेश ने लोहे की रॉड से मृतक वीरपाल को मौत के घाट उतार दिया और कमलेश के दोनों साथियों ने मृतक का शव बोरे में भरकर स्कूटी पर लादकर झड़ियो में फिकवा दिया था। जिसका खुलासा पुलिस ने आज कर दिखाया।

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