वाराणसी – गंगा जमुनी तहजीब के मरकज़ चौक स्थित ज़ाहिद शहीद रहमतुल्लाह अलैहि का सालाना उर्स हुआ आयोजित

ए जावेद

वाराणसी। शहर बनारस गंगा जमुनी तहजीब का केंद्र है। यहाँ जहा तानी का बाने से रिश्ता जोड़ते हुवे दोनों मज़हब के लोग आपस में मिल जुल कर कारोबार करते है, तो वही दूसरी तरह जितनी ख़ुशी और मिल्लत से दिवाली और ईद मनाई जाती है वह कही और देखने को नहीं मिलेगा। इसी गंगा जमुनी तहजीब के एक मरकज़ के तौर पर चौक थाने के बगल में स्थित मज़ार जाहिद शहीद रहमतुल्लाह अलैहि को माना जाता है। यहाँ जितनी अकीदत के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग आते है उतनी ही श्रधा के साथ हिन्दू धर्म के अनुयायी भी आते है।

आज शनिवार 3 अप्रैल को इसी गंगा जमुनी तहजीब एक मरकज़ हजरत जाहिद शहीद रहमतुल्लाह अलैहि का सालाना उर्स आयोजित हुआ। इस उर्स में दरगाह को रंगीन झालरों से सजाया गया। सुबह गागर और चादर का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद से आस्ताने पर अकीदत मन्दो की आमद शुरू हुई जो देर रात समाचार लिखे जाने तक जारी रही। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंस का ख़ासा ख्याल उर्स के आयोजन कमेटी ने रखा हुआ था। अकीदतमन्दो ने अपनी अकीदत के अनुसार जहा दरगाह में हाज़री लगाई वही चादरपोशी भी किया।

इस दमियाँन बाद नमाज़ ईशा नतिया कलाम का दौर शुरू हुआ। जिसका अकीदतमन्दो ने खूब लुत्फ़ उठाया। उर्स में जायरीनो के लिए ख़ासा इंतज़ाम भी हुआ था। जैसे दरगाह के बाहर ही सेनटाइज़र से लेकर मास्क तक की व्यवस्था की गई थी। एक बार में आस्ताने के अन्दर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुवे 10 लोगो को प्रवेश दिया जा रहा था। इस उर्स मुबारक के इंतज़ाम में प्रख्यात समाजसेवक एडवोकेट नजमी सुल्तान, पार्षद मुहम्मद सलीम, विक्की आदि लोगो ने महती भूमिका निभाई।

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