वाराणसी : चोरी के महज़ शक में पीट पीट कर सलमान की हुई हत्या, परिजनों को बंधक बना कर उनके सामने किया ज़ालिमो ने पिटाई

तारिक़ आज़मी/ए जावेद

वाराणसी। वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के रेशम कटरा में एक सुनार के दूकान पर काम करने वाले आदमपुर थाना क्षेत्र के ओमकार्लेश्वर निवासी अशरफ के पुत्र सलमान (22) की चोरी के शक में दुकानदार ने कुछ इस तरीके से पिटाई किया कि उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उन्हें बंधक बना कर उनके सामने सलमान को गैस रबर, राड आदि से पिटाई किया गया। पिटाई से सलमान मौके पर बेहोश हो गया तो उसको लेकर परिजनों सहित आरोपीगण मंडलीय चिकित्सालय कबीर चौरा आते है। जहा हालात नाज़ुक देख कर चिकित्सक उसको ट्रामा सेंटर रिफर कर देते है। मृतक के परिजनों की माने तो कबीर चौरा में ही उन्हें छोड़ कर आरोपीगण फरार हो गए। जहा से बीएचयु ले जाते समय सलमान की मौत रास्ते में हो गई।

घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार सलमान (22) पुत्र अशरफ आदमपुर थाना क्षेत्र के ओमकार्लेश्वर का रहने वाला युवक था। विगत काफी समय से सलमान अपने जीजा तौफीक के ममेरे भाई कलीम के दूकान पर काम करता था। कलीम कोदईचौकी का रहने वाला है और उसकी दूकान चौक थाना क्षेत्र के रेशम कटरे में है। मृतक के परिजनों की माने तो कल शाम 6 बजे के लगभग उनको कलीम ने फोन करके कहा कि सलमान ने सोना चुराया है और सबको अपने दूकान पर बुलाया। इस फोन के बाद मृतक सलमान के पिता अशरफ, सलमान की बहन शाहिस्ता और उसके पति तौफीक रेशम कटरा जाते है।

मृतक के परिजनों की माने तो कलीम ने उनके सामने ही सलमान को राड, रबर आदि से अपने साथियों के साथ मिल कर बुरी तरह पीटना चालू कर दिया। सलमान की बहन शाहिस्ता ने बताया कि जब हम लोगो ने उनसे बात करने को कहा तो उन्होंने हम लोगो को एक कमरे में बंद कर दिया और हमारे सामने हमारे भाई सलमान को कलीम और उसके साथियो ने बेरहमी से मारना शुरू कर दिया। सलमान लगातार कहता रहा कि उसने चोरी नही किया है, मगर जालिमो ने उसकी एक न सुनी। बाप, बहन और जीजा के लाख गिडगिडाने के बावजूद भी बेरहम जालिमो को तरस नही आया और वह सलमान को मारते रहे। शाहिस्ता ने कहा कि मैंने खुद कहा कि तुम्हे मेरे भाई पर चोरी का शक है तो उसके बदले तुम्हे हम तुम्हारे हुवे नुक्सान की भरपाई कर देंगे। हमे छोडो तो हम घर से अपने जेवर और अपने मकान का कागज़ लेकर आते है। मगर जालिमो ने एक न सुनी और सलमान की पिटाई करते रहे।

मृतक के परिजनों के आरोपों को माने तो मार से अधमरा हुआ सलमान बेहोश होकर फर्श पर गिर पड़ा तब भी ज़ालिम उसको मारते रहे। ज़ुल्म की इन्तहा ये थी कि शाम 6 बजे से सलमान को मारना शुरू किया गया था, और परिजन सलमान को कबीरचौरा लेकर रात 11 बजे पहुचे थे। यानी इस हिसाब से देखे तो लगभग 5 घंटे तक एक मासूम नवजवान को मारा पीटा गया था। मृतक के परिजनों का कहना है कि पिटाई से बेहोश हुवे सलमान के शरीर में जब कोई हरकत जालिमो को नही दिखी तो उसको हम लोगो के साथ लेकर कलीम और उसके साथी कबीर चौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय जाते है। जहा चिकित्सको ने झूठ कहा कि इसने ज़हर खा लिया है। चिकित्सको ने सलमान की नाज़ुक हालात देख कर उसको बीएचयु स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। जहा से कलीम और उसके साथी उन्हें छोड़ कर भाग खड़े हुवे। परिजन सलमान को लेकर बीएचयु के लिए निकले तभी रास्ते में सलमान की मौत हो गई।

सलमान के मृत्यु का समय लगभग रात के 11:30 के करीब का बताया जा रहा है। इस अनुसार देखा जाए तो कलीम की क्रूरता की इन्तहा पार थी। कलीम और उसके साथियों ने एक युवक को लगभग 5 घंटे तक बेरहमी से पीटा। ज़ालिम वहशी दरिदे कलीम के पास सलमान के चोर होने का कोई सबूत नही था। मगर वो इन्साफ खुद के हाथो करने को बेचैन था। बहरहाल, सलमान की मौत होने के बाद ये खबर ओमकारलेश्वर में जंगल के आग की तरह फ़ैल गई। मोहल्ले के काफी लोग सलमान की लाश को लेकर आदमपुर थाने गए जहा इस्पेक्टर सिद्धार्थ मिश्रा ने पूरी बात सुनने के बाद घटना स्थल चौक थाने होने की स्थिति में परिजनों को चौक थाने भेजा।

परिजन सलमान की लाश को लेकर चौक थाने जाते है। जहा इस्पेक्टर आशुतोष तिवारी को अपने साथ हुई इस ज़ुल्म-ओ-सितम की इन्तहा के बारे में बताते है। चौक इस्पेक्टर ने तुरंत तहरीर लेकर सम्बन्धित धाराओ में कलीम और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और लाश को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम की कार्यवाही हो रही थी। पुलिस ज़ालिम कलीम की तलाश में छापेमारी कर रही है। मगर कलीम फरार है। कलीम के अन्य साथियों की भी पुलिस पहचान करने की कोशिश कर रही है।



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