पूरी अकीदत के साथ अदा हुई शहर बनारस की मशहूर अगहनी जुमे की नमाज़

ए0 जावेद संग अनुराग पाण्डेय

वाराणसी। वाराणसी के पुरानापुल पुल्कोहना स्थित ईदगाह में आज बुनकर बिरादराना तंज़ीम बाईसी के सरदार गुलाम मोहम्मद उर्फ़ दरोगा के सदारत में अगहनी जुमे की नमाज अदा की गयी। इस मौके पर सरदार गुलाम मोहम्मद ने बताया की अगहन के इस पवित्र महीने में पूरा बुनकर समाज अगहनी जुमे की नमाज हर साल ईदगाह में अदा करता है। ये सिलसिला लगभग 450 साल पहले से चली आ रही है। उस वक़्त देश के हालात ठीक नहीं थे। किसान परेशान थे और बारिश न होने की वजह से खेती नही हो रही थी। देश में अकाल पड़ा था। तब बुनकर समाज ने अपना कारोबार बंद कर इकठ्ठा हो कर अगहन के महीने में ईदगाह में नमाज़ अदा किया।

अल्लाह का करम हुआ और जम कर बारिश हुई। किसानो में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। बनारस की सबसे बड़ी तंज़ीम बुनकर बिरादराना तनजी बावनी के सद्र हाजी मुख़्तार महतो ने बताया की ये अगहनी जुमा की नमाज़ गंगा जमुनी तहजीब की एक जीता जागता सुबूत है। सदियो पहले जब मुल्क के हालात ख़राब थे तो सभी वर्ग के लोग परेशान और बदहाल थे। तब उस बदहाली और परेशानी को दूर करने के लिए बुनकर समाज के लोग अपनी-अपनी मुर्री बंद कर ईदगाह में नमाज़ अदा कर दुआए की और उस दुआ का असर चारो तरफ उआ।

खुशहाली आई, किसान और बुनकर दोनों के कारोबार में बरक्कत हुई और ये परंपरा आज भी हम सब निभा रहे है। आज के दिन हमारे किसान भाई द्वारा उगाई गई गन्ने को, जिसकी दुकान हमारे हिन्दू भाई लगाते है, उन तमाम दुकानो से मुसलमान भाई अगहनी जुमे की नमाज़ अदा कर दुकानों से गन्ना खरीद कर घर ले जाते है। यही हमारा हिंदुस्तान है। तक़रीर मौलाना शकील साहब ने की। तक़रीर में मौलाना साहब ने सभी से मिल्लत और भाईचारगी बनाने की अपील की और कहा की सभी लोग आपस में मुहब्बत रखिये। मुहब्बत एक ऐसी चीज है, जो सभी को एक धागे में पिरो कर एक साथ ले कर चलता है।

आज हम सब को इसी की जरुरत है। आज अगहनी जुमे की नमाज़ मौलाना जाहिर साहब ने पढाई और नमाज़ के बाद दुआखानी कर मौलाना साहब ने मुल्क की तरक्की के लिए दुआये की। आपस में भाईचारगी बनी रहे उसके लिए दुआ की। बुनकर भाइयो के कारोबार में बरक्कत के लिए दुआ की। मुल्क में सभी को रोजगार मिले उसके लिए दुआ की। आज अगहनी जुमे में हाशिम सरदार, हाजी हाफिज नसीर, हाजी यासीन माइको, हैदर महतो, हाजी बाबू, हाफिज कल्लू, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, अफरोज अंसारी, पार्षद गुलशन अली, पार्षद बेलाल अंसारी, हाजी रहीम, हाजी इस्तियाक, अतीक अंसारी, बाबूलाल किंग, मौलाना शकील, शमीम अंसारी, हाजी महबूब, फैसल महतो, मो0 हारून, हाजी छोटक, मो0 असलम चौदहों, आसिफ, मोईनुद्दीन, हाजी स्वालेह, सरदार नासिर, रेयाज़ अहमद, हाजी मोबिन, हाजी बाबू महतो, रेयाज अहमद राजू, हाजी वाहिद मौला, मुजफ्फर  सरदार गुलाम नबी, अरशद सहित हजारो की तादाद में लोगो ने अगहनी जुमे की नमाज़ अदा की।



Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *