गाज़ियाबाद रेलवे स्टेशन पर औरंगजेब के विरोध में हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बहादुर शाह ज़फर की तस्वीर पर पोती कालिख, डीआरएम ने कहा ‘पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुचाने वालो पर कार्यवाही करेगे’

तारिक खान

डेस्क: गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बनी पेंटिग्स को लेकर जमकर हंगामा हुआ है। हिंदूवादी संगठन हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर बनाई गई एक तस्वीर को औरंगजेब की तस्वीर समझकर उस पर कालिख पोत दी। जबकि वास्तविकता ये है कि 1857 की क्रांति का नेतृत्व करने वाले बहादुर शाह ज़फर की यह तस्वीर थी, जिसकी पुष्टि डीआरएम दफ्तर से हुई है।

दरअसल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई चित्र बनाए गए थे। 18 अप्रैल को हिंदू रक्षा दल के लगभग 20 कार्यकर्ता गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पहले जमकर नारेबाजी की, फिर एक पेंटिंग को औरंगजेब की तस्वीर समझकर उस पर कालिख पोत दी। पेंटिंग पर कालिख पोतने के बाद उन्होंने उस पर ‘हिंदू रक्षा दल’ लिख दिया।

कार्यकर्ताओं में औरंगजेब की तस्वीर को लेकर नाराजगी थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘रेलवे सरकारी संपत्ति है। हम चाहते हैं कि भारत की पावन धरती से औरंगजेब का नामो-निशान हटा दिया जाए। मुस्लिम आक्रांताओं की तस्वीरों का क्या मतलब है? इन्होंने हिंदुस्तान को लूटा। यह नहीं चलने दिया जाएगा। अफसरों को इसका संज्ञान लेना चाहिए।’

इस मामले को लेकर डीआरएम का कहना है कि जिस तस्वीर पर कालिख पोती गई है, वह औरंगजेब की थी ही नहीं, बल्कि आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की थी। डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा, ‘हम इस मामले पर अभी पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। लेकिन वो तस्वीर औरंगजेब की नहीं थी। वह बहादुर शाह जफर की तस्वीर थी। बहादुर शाह जफर ने 1857 की लड़ाई में अच्छी भागीदारी निभाई थी। पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना गलत है। जानकारी संज्ञान में आई है। हम इस पर कार्रवाई करेंगे।’

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