मध्य प्रदेश: भिंड एसपी पर पत्रकारों का गंभीर आरोप, ‘खबर चलाने से नाराज़ एसपी ने चाय पर दफ्तर बुलाया और फिर अपने अधिनस्तो से चप्पल से बेरहम पिटाई करवाया’

मो0 कुमेल
डेस्क: आज देश और दुनिया में निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकरिता की दुहाई दी जाती है लेकिन यदि अपने खिलाफ ख़बरें सामने आने पर कोई पुलिस अधिकारी इतना उत्तेजित हो जायेगा कि पत्रकारों को चाय पर ऑफिस बुलाकर उसे पुलिस अधिकारियों से पिटवाएगा तो इसे दबंगई ही कहा जायेगा, ऐसा ही आरोप लगा है मध्य प्रदेश के भिंड एसपी असित यादव पर’

यही नहीं आरोप है कि शिकायत करने वाले पत्रकारों के मोबाइल में मौजूद सबूतों को डिलीट कर दिया गया, हालाँकि पत्रकारों का दावा है कि उनके पास कुछ सबूत ऐसे थे जो पुलिस से बच गए जो पुलिस पर लग रहे आरोपों को प्रमाणित कर रहे हैं खास बात ये भी है कि जी पत्रकारों की पिटाई की गई उसमें दलित पत्रकार भी शामिल हैं। इस मामले में पत्रकारों में एक दहशत का माहोल देखने को मिल रहा है। जनपद से फरार पत्रकारों ने डीजीपी से इस मामले में शिकायत किया है, जहाँ से उन्हें जाँच का आश्वासन मिला है।
पत्रकारों के साथ हुए व्यवहार पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया है उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला बताया है, उन्होंने कहा पत्रकारों को चप्पलों से सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने पुलिस की अवैध वसूली और अन्य कृत्यों की ख़बरें दिखाई थी और चैनल पर चलाई, अब ये पत्रकार भिंड से जान बचाकर भाग चुके है, गोविंद सिंह ने सीएम डॉ मोहन यादव से इस घटना की निष्पक्ष जाँच की मांग की है उन्होंने कहा यदि रक्षक ही भक्षक बन जायेंगे तो आम जनता की रक्षा कौन करेगा। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











