ईरान इसराइल जंग: अमेरिका के ईरान पर हमले से भी नहीं थमा ईरान का इसराइल पर हमला, तेल अवीव की तबाही बयान कर रही है तस्वीरे, पढ़े क्या कह रहे है इसराइली पत्रकार

तारिक खान

डेस्क: इसराइली सेना का कहना है कि उसने दक्षिण-पश्चिमी ईरान में ‘सैन्य ढांचे’ को निशाना बनाकर ताज़ा हमले किए हैं। वहीं ईरानी समाचार एजेंसी नूर ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान में कम से कम 430 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

इसराइल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़, अब तक 25 लोगों की मौत हुई है और 2,517 लोग घायल हुए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि ईरान ने इसराइल के कई इलाक़ों को निशाना बनाया है, जिनमें बेन गुरियन एयरपोर्ट शामिल है। इसके अलावा जिन अन्य जगहों पर हमला हुआ है, उनमें इसराइली सेना की मदद करने वाले केंद्र, सेना का कमांड और कंट्रोल ऑफ़िस और एक जैविक रिसर्च सेंटर शामिल हैं।

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने एलान किया है कि इसराइल पर किया गया ये हमला लंबी दूरी की मिसाइलों से किया गया है। अमेरिका के इस जंग में कूदने के बाद से स्थिति और भी गंभीर होने की उम्मीद किया जा रहा है। वही ईरानी मीडिया का दावा है कि आज की रात शायद सबसे भारी रात होगी। इस दरमियाना रूस ने अमेरिका को चेतावनी दिया है और ईरान पर उसके हमले की निंदा किया है।

दूसरी तरफ यमन के सशस्त्र संगठन हुती ने भी लाल सागर पर चेतावनी जारी किया है। वही दूसरी तरफ इसराइल से आ रहे समाचारों के अनुसार इसराइल में लोग तेल अवीव छोड़ कर दुसरे महफूज़ ठिकानों की तलाश कर रहे है। अधिकतर बनकर फुल हो चुके है। जबकि ईरान के हमले लगातार बढ़ते जा रहे है। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया और रूस सहित चीन का भी समर्थन ईरान को हो सकता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और एनपीटी का गंभीर उल्लंघन किया है।” उन्होंने एक और सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कूटनीति का रास्ता पहले इसराइल ने बंद किया और फिर अमेरिका ने उसे ख़त्म कर दिया।

इज़राइली समाचार साइट लोकल कॉल के संपादक और लेखक मेरोन रैपोपोर्ट ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों के बाद आज इज़राइल में एक सार्वभौमिक उत्साह की भावना है। उन्होंने कहा कि ‘ऐसा महसूस हो रहा है कि यह इज़राइल के लिए एक बड़ी बात है; मुझे लगता है कि अधिकांश इज़राइली ऐसा ही सोचते हैं, कि यह एक बड़ा क्षण है,’

समाचार चैनल अल जज़ीरा ने मेरोन के हवाले से लिखा है कि ‘कुछ लोग उत्साहपूर्ण भाषा का उपयोग करते हुए, लगभग बाइबिल के शब्दों में, ईरान में आज सुबह जो हुआ, उसका वर्णन करते हैं।’ उन्होंने कहा, हालांकि, उसी समय इज़राइल में लोगों को आज सुबह ईरानी हमले के कारण आश्रयों में भागना पड़ा। मेरोन के हवाले से अल जजीरा ने लिखा है कि ‘तेल अवीव और इज़राइल के अन्य स्थानों में नुकसान कम नहीं है, इसलिए बहुत आशंका भी है।’

यह पूछे जाने पर कि ट्रम्प को ईरान के खिलाफ इज़राइली हवाई अभियान में शामिल होने के लिए किस बात ने राजी किया, रैपोपोर्ट ने तर्क दिया कि पिछले नौ दिनों में ईरान पर “सफल” इज़राइली हमलों को इसके कारणों में से एक के रूप में देखा जाना चाहिए। मुझे लगता है कि ट्रम्प एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सबसे मजबूत पक्ष में शामिल होने की कोशिश करते हैं, उन्होंने पुतिन के साथ ज़ेलेंस्की के खिलाफ ऐसा किया, और उन्होंने ऐसा अन्य जगहों पर भी किया।’

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *