ईरान-इसराइल जंग: इसराइल में ईरान की मिसाइलो ने मचाया तबाही, नेतान्याहू ने तेल अवीव में हुवे नुकसान का लिया जायजा, अडानी के भारी हिस्सेदारी वाले हाइफा बंदरगाह पर भी ईरान ने किया हमला, देखे तस्वीरे और वीडियो तथा पढ़े जंग के मौजूदा हालात

तारिक खान
डेस्क: ईरान और इसराइल के बीच छिड़ी जंग में ईरान के मिसाइलो ने इसराइल के मशहूर आयरन डॉम की अचूकता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। तमाम राडार और रक्षा प्रणाली को भेदते हुवे ईरान ने इसराइल के कई शहरों में मिसाइलो की बरसात कर डाला है। इसराइल में स्थित हाईफा बंदरगाह जिसमे भारतीय उद्योगपति अडानी के 70 फीसद भागीदारी होने बात है, पर ईरान की मिसाइल ने बड़ी तबाही मचाया है।

इसके अलावा, ईरान के अन्य शहरों में स्थित यूरेनियम की खदानें और अन्य प्लांट भी इस ढांचे का हिस्सा हैं। इस्फ़हान के पास ईरान के कई बड़े सैन्य ढांचे भी हैं, जिनमें एक बड़ा एयरबेस और मिसाइल बनाने का कारख़ाना शामिल है। अप्रैल 2024 में भी इसराइल ने इस इलाके़ में एक एयरफील्ड पर हमला किया था और वहां मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम को नुक़सान पहुंचाया था। ईरान का कहना है कि इस्फ़हान की ये सभी सुविधाएं सिर्फ़ शांतिपूर्ण कामों के लिए हैं। लेकिन इसराइल और कई पश्चिमी देशों को शक है कि ईरान इनका इस्तेमाल छिपकर परमाणु हथियार बनाने में कर रहा है।

ईरान ने रविवार को भी इसराइल पर हमले किए हैं। वहीं इसराइल ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है। इसके अलावा, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने इसराइल को चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ईरान पर अपने हमले जारी रखेगा, तो ईरान और भी तेज़ी से इसराइल पर हमले करेगा। ईरान ने रविवार को इसराइल पर एक बड़ा हमला शुरू किया है। वहीं इसराइल ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने बताया है कि तेल अवीव के आसमान में ड्रोन दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने इसराइल पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया है।


ईरानी नेतृत्व ने साफ़ संकेत दिए हैं कि जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी और इसे ‘मक़सद के पूरा होने’ तक रोका नहीं जाएगा। वही मिल रही जानकारी के मुताबिक, ईरान की प्रसिद्ध कलाकार मनसुरे अलीखानी एक रिहायशी इलाके पर हुए इज़राइली हमले में मारी गईं। वे अपनी पारंपरिक कला, ख़ास तौर पर ईरानी सुलेख (कैलिग्राफी) और चित्रकला के लिए दुनियाभर में जानी जाती थीं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमला सीधे उनके घर पर किया गया, जिसमें उनका पूरा निवास तबाह हो गया। यह घटना न सिर्फ एक आम नागरिक की मौत है, बल्कि ईरान की कला और संस्कृति को भी बड़ा नुकसान है।
वही इसराइली ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने ईरान को धमकी दिया है कि ‘अगर हमारी एक इमारत गिरी, तो ईरान की सौ इमारतें गिरेंगी।’ इसराइल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा ‘ईरान खुद को हजारों बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु हथियारों से लैस करना चाहता था, लेकिन हम उसे ऐसा करने की इजाजत कभी नहीं दे सकते थे। मैं ईरान को यह साफ़ संदेश देना चाहता हूं अगर इसराइल में एक इमारत तबाह हुई, तो ईरान में सौ इमारतें गिरा दी जाएंगी। हम इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक अपना मक़सद हासिल नहीं कर लेते।’ इस बयान को ईरान के खिलाफ इसराइल की आक्रामक नीति का इशारा माना जा रहा है।
हालांकि ईरान की ओर से भी पलटवार की तैयारियां तेज़ हैं। ईरान और इसराइल के बीच जारी तनाव के बीच अब इसराइल ने ईरान की मिसाइल और रडार तकनीक से जुड़ी फैक्ट्रियों और ठिकानों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी है। ईरान के करमांशाह शहर में इसराइली वायुसेना द्वारा गिराया गया बम एक फौजी तंसीब (सैन्य ठिकाने) पर आकर गिरा। इस हमले में उस ठिकाने को भारी नुक़सान पहुंचा है, हालांकि ईरानी अधिकारियों की ओर से अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईरान ने इसराइली हमलों से पहले एक रणनीतिक चाल चली जिसने इसराइल को गहरे भ्रम में डाल दिया।
वही दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि तेहरान में ईरान ने डमी यानी नकली मिसाइल गाड़ियाँ और डिफेंस सिस्टम तैयार कर दिए थे। इसराइली ड्रोन और जासूसी सैटेलाइट्स ने जब इन नकली ठिकानों को देखा, तो उन्हें असली समझ कर इसराइल ने उन पर हमला कर दिया। जबकि इसराइल ने फिर दावा किया कि उसने तेहरान में ईरान का मिसाइल और डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह कर दिया है और वहां ‘एयर सुपीरियॉरिटी’ हासिल कर ली है। इसराइल ने ईरान की ‘शीराज़ इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज़” पर बमबारी की देश के ज़्यादातर रडार सिस्टम यहीं बनते हैं।
हमले के बाद ईरानी मीडिया और सुरक्षा सूत्रों की ओर से कहा गया है कि इस बमबारी का मकसद ईरान की रक्षा क्षमताओं को कमजोर करना था। हालांकि अब तक नुकसान का पूरा आकलन जारी है। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पुष्टि की है कि उनके सीनियर कमांडर जनरल हाजी ज़ादेह की एक हमले में मौत हो गई हैं। बयान में कहा गया जनरल हाजी ज़ादेह अपने साथियों महमूद बाकरी, दावूद शीख़ियान, मोहम्मद बाक़िर ताहिरपूर, मंसूर सफ़रपूर, मसऊद तय्यब, ख़ुसरो हुसैनी और जवाद जरारा की मौत हुई है।’ इस हमले को ईरान के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि ये सभी कमांडर युद्ध नीति और रणनीति के अहम स्तंभ माने जाते थे।
वही इसराइली मीडिया नेटवर्क Ynet (वाई-नेट) ने एक बड़ी रिपोर्ट में बताया है कि ‘अगर अमेरिका इस जंग में शामिल नहीं होता है, तो ईरान की परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह तबाह करने के लिए इसराइल को एक लंबी, महीनों चलने वाली सैन्य मुहिम चलानी पड़ेगी जिसकी न तो इसराइल की सरकार और न ही वहां की जनता कीमत चुका सकती है।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई इसराइल के संसाधनों और जन समर्थन पर बड़ा बोझ डालेगी, जिससे आंतरिक हालात भी बिगड़ सकते हैं।
ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में इसराइल के बेत यम शहर का एक इलाका बुरी तरह तबाह हो गया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में जुटी हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब इलाका पूरी तरह आबाद था, जिससे नुकसान और ज़्यादा हुआ। इसराइली न्यूज़ आउटलेट ‘नज़ीओ’ ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान को पाकिस्तान से मिसाइलों की आपूर्ति की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइलें किसी गुप्त समझौते या सहयोग के तहत भेजी गई हैं। हालांकि अभी तक पाकिस्तान या ईरान की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ईरानी हुकूमत ने अल जज़ीरा न्यूज़ चैनल पर बयान देते हुए कहा है कि ये जंग उन्होंने नहीं छेड़ी, लेकिन अब इसका अंत कब और कैसे होगा, इसका फ़ैसला भी वही करेंगे। यह बयान भी ऐसे वक़्त में आया है जब ईरान और इसराइल के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं और दोनों तरफ़ से हमले जारी हैं।









