सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: ‘अगर बिहार में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए, तो करेंगे दखल’

आदिल अहमद
डेस्क: बिहार में वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम हटने की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा – ‘बड़े पैमाने पर नाम हटे तो करेंगे हस्तक्षेप’। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, तो वह इस मामले में दखल देगा।
एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि चुनाव आयोग के अनुसार, लगभग 65 लाख मतदाताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म नहीं भरे, क्योंकि वे या तो मृत हैं या स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं। इन लोगों को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फिर से आवेदन करना होगा।
इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘हम यहां हैं, हम आपकी बात सुनेंगे।’ वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पष्ट किया, “अगर बड़ी संख्या में वैध नाम हटते हैं, तो हम तुरंत हस्तक्षेप करेंगे। आप ऐसे 15 लोगों की सूची लाइए जो जीवित हैं और फिर भी उनके नाम हटाए गए हैं।”
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए 12 और 13 अगस्त की तारीख तय की है। चुनाव आयोग के मुताबिक़, एसआईआर अभियान का पहला चरण पूरा हो चुका है और इस दौरान लगभग 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।












