अखिलेश यादव की पत्रकारवार्ता में एक नेता जी पढने लगे शेर, कहा ‘अल्लाह ने चाहा तो 2029 में आप प्रधानमंत्री होंगे’, बोले अखिलेश ‘ये रील के तरह डायलोग मत बोलो, कुछ लोग फेमस होने भी आ रहे है’

मो0 कुमेल
डेस्क: अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस बीच एक कार्यकर्ता ने शायरी पढ़ने की इच्छा जाहिर की। अखिलेश ने उसे रोकते हुए कहा कि कल भी एक शायर आया था। हालांकि कार्यकर्ता शायरी पढ़ने लगा। कार्यकर्ता की शायरी में एक लाइन थी कि ‘अल्लाह ने चाह लिया तो साल 2029 में आप प्रधानमंत्री होंगे’। इस पर अखिलेश ने कहा ये रील तरह डायलॉग मत मारो। अब अंदर नहीं बुलाया करेंगे। कुछ लोग फेमस होने भी आ रहे हैं।

गुजरात पुल हादसे पर उन्होंने कहा कि यही गुजरात मॉडल है वडोदरा पुल हादसे पर अखिलेश ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा यही गुजरात मॉडल है। जितनी जल्दी समझ लोगे, उतना अच्छा है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार में आंतरिक कलह है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह पहला प्रदेश है, जहां एक ही दफ्तर में दो मुख्यमंत्री बैठे थे। सरकार में बंटवारे को लेकर झगड़ा शुरू हो गया है। मंत्री और अफसरों के बीच चिट्ठियों का दौर चल रहा है।
वहीं पिछले दिनों एक कार्यकर्ता ने अखिलेश से फरियाद की थी कि उस पर पुलिस ने मुकदमा लाद दिया है। उस मामले को लेकर अखिलेश ने बुधवार को कहा कि अभी जो एक दिन मसला हुआ है, बाद में उसके घर पुलिस भेज दी। उसने रोते हुए बताया, उस पर अल्हागंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही 20 हजार रुपये भी वसूल लिए। इस पर अखिलेश ने उसे मंच के पास बुलाया और कारण पूछा था। तालिब ने बताया था कि उसने सोशल मीडिया पर एक गाना पोस्ट कर दिया था। जिस पर पुलिस ने केस किया। अखिलेश ने पूछा कौन सा गाना तो तालिब ने कहा- अखिलेश भैया का जो सामना करेगा, उसे रेल दिया जाएगा। हालांकि पुलिस ने उसके खिलाफ गांव की एक महिला के साथ गाली-गलौच करने पर शांति भंग में कार्रवाई की थी। तालिब का दावा झूठा निकला था।










