भड़काऊ भाषण मामले में हाईकोर्ट ने सजा पर लगाई रोक, बहाल होगी अब्बास की विधायकी

तारिक खान
प्रयगराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट से अब्बास अंसारी को बड़ी राहत. उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता रहे मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर सीट से पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने बुधवार को निचली अदालत की सजा पर रोक लगाते हुए अब्बास को राहत दी।
अब्बास को भड़काऊ भाषण देने के मामले में 2 साल की सजा और 3 हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। उनकी पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए जज समीर जैन ने सजा को रद्द करने का आदेश दिया।
अब नहीं होगा उपचुनाव, 1 जून 2025 को सजा के चलते अब्बास की विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने मऊ सदर सीट पर उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। मगर अब कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी सदस्यता बहाल हो जाएगी और उपचुनाव नहीं होगा।
3 मार्च 2022 को चुनावी रैली के दौरान अब्बास अंसारी ने अधिकारियों को धमकी भरा भाषण दिया था। इसके आधार पर 4 मार्च को उन पर और उनके भाई उमर अंसारी समेत 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। 31 मई 2025 को सीजेएम कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।
अब्बास अंसारी ने 2022 का विधानसभा चुनाव सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से लड़ा और जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें IPC की धारा 153-ए (समुदायों में वैमनस्य फैलाना), 189 (सार्वजनिक सेवक को धमकी), 506 (आपराधिक धमकी) और 171-एफ (चुनाव में भ्रष्ट आचरण) में दोषी ठहराकर सजा दी थी।












