दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ‘चूहा गैंग’ का पर्दाफाश, चोरी किए लाखों के सामान के साथ दो बदमाश गिरफ्तार

मो0 कुमैल
डेस्क: दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से सक्रिय ‘चूहा गैंग’ का आखिरकार पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद इस गैंग के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद हुआ है, जिसमें महंगे कैमरे, घड़ियां, सोने-चांदी और हीरे की ज्वेलरी, तांबे के बर्तन और कई मूर्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस को आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया है।
क्यों पड़ा ‘चूहा गैंग’ नाम? पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान मशील और जुबैर के रूप में हुई है। इनमें से जुबैर मुठभेड़ में घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि गैंग को ‘चूहा गैंग’ इसलिए कहा गया क्योंकि मुख्य आरोपी मशील अपने छोटे कद और पतले शरीर के कारण बेहद संकरी जगहों से भी घुसकर आसानी से घरों में चोरी कर लेता था। वारदात के दौरान वही मुख्य भूमिका निभाता था।
पुलिस पूछताछ में मशील ने खुलासा किया कि उसकी जुबैर से मुलाकात जेल में हुई थी। वहीं से दोनों ने मिलकर गैंग बनाने की योजना बनाई। जुबैर पहले एयर कंडीशनर ठीक करने का काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के दौरान बेरोजगारी की वजह से वह चोरी की दुनिया में उतर गया। जेल से छूटने के बाद उसने टैक्सी चलानी शुरू कर दी और इसी दौरान वह बंद पड़े घरों की रैकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा।
डीसीपी के अनुसार, जुबैर चोरी के लिए टैक्सी का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह चोरी किए गए सामान को भी टैक्सी में रखकर ले जाता था और इस तरह खुद को आम टैक्सी चालक के रूप में पेश करता था। पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और बरामद सामान की कीमत का आकलन किया जा रहा है।











