पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान को चेताया, कहा ‘दुम दबाकर तोरा बोरा की गुफाओं में छिपे थे, क्या तालिबान की ‘धैर्य परीक्षा’ उसे सच में पड़ेगी भारी?

आफताब फारुकी

डेस्क: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने जिस तरह से तालिबान को खुली चेतावनी दी है, उससे साफ है कि इस्लामाबाद का सब्र अब जवाब दे रहा है। आसिफ़ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान के धैर्य की परीक्षा लेना तालिबान को महंगा पड़ेगा।” इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद यह बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला है।

चेतावनी का लहजा और बिगड़ते संबंध

ख्वाजा आसिफ़ का यह कड़ा बयान पाकिस्तानी धरती पर लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों के बीच आया है। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें काबुल में तालिबान सरकार से पनाह मिल रही है।

  • सख्त संदेश: आसिफ़ ने न सिर्फ चेतावनी दी है, बल्कि यहाँ तक कह दिया है कि अगर पाकिस्तान पर आतंकी हमला हुआ तो तालिबान को “तोरा बोरा” (गुफाओं) में वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा।
  • युद्ध की धमकी: बातचीत विफल होने के बाद, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने तो सीधे युद्ध का विकल्प खुला रखने की बात कही है, जो दर्शाता है कि अब राजनयिक रास्ते पर पाकिस्तान का विश्वास कम हो रहा है।
  • भारत कनेक्शन का आरोप: तनाव को और हवा देते हुए, आसिफ़ ने तालिबान सरकार पर भारत की “कठपुतली” के रूप में काम करने का भी आरोप लगाया है, जो दोनों देशों के संबंधों में एक नया मोड़ है।

पाकिस्तान की मजबूरी या रणनीति?

सवाल यह है कि पाकिस्तान इतना कड़ा रुख क्यों अपना रहा है?

  1. बढ़ता आतंकवाद: पाकिस्तान में टीटीपी के हमले चिंताजनक रूप से बढ़े हैं, जिसने देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। सेना और नागरिकों पर हमले लगातार हो रहे हैं।
  2. आर्थिक संकट से ध्यान हटाना: कुछ विश्लेषकों का मानना ​​है कि पाकिस्तान की सरकार, देश के गहरे आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जनता का ध्यान हटाने के लिए सीमा पर तनाव को बढ़ा रही है।
  3. अंतरराष्ट्रीय दबाव: पाकिस्तान चाहता है कि तालिबान टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई करे, और इस तरह की कठोर चेतावनियाँ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रयास हो सकता है।

जवाबी तेवर: तालिबान भी आक्रामक

खास बात यह है कि तालिबान भी इस धमकी को हल्के में नहीं ले रहा है। उन्होंने भी पलटवार करते हुए चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया तो इस्लामाबाद के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। यह दिखाता है कि दोनों पक्षों में सुलह की गुंजाइश कम होती जा रही है और तनाव कभी भी एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।

आगे क्या?

फिलहाल, पाकिस्तान और तालिबान के बीच जुबानी जंग जारी है। दोनों के रिश्ते नाजुक मोड़ पर हैं। अगर पाकिस्तान ने सीमा पार कोई सैन्य कार्रवाई की तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। ख्वाजा आसिफ़ की चेतावनी सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि एक गंभीर संदेश है कि इस्लामाबाद अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार दिख रहा है। सवाल यह है कि क्या तालिबान पाकिस्तान के इस धैर्यको गंभीरता से लेगा, या फिर दोनों देश सचमुच युद्ध की ओर बढ़ेंगे? इस पूरे मामले पर PNN24 News की पैनी नजर बनी रहेगी।

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