मुजफ्फरपुर की रैली में राहुल गांधी का बिगुल…!, ‘संविधान खतरे में’ और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर साधा सीधा निशाना

निलोफर बानो
मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार में चुनावी सरगर्मियों के बीच, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर की अपनी रैली में ‘संविधान बचाओ’ और ‘वोट चोरी’ को अपना मुख्य हथियार बनाया। उन्होंने भीड़ को बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की याद दिलाते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला।
संविधान पर आक्रमण का आरोप
राहुल गांधी ने अपनी रैली में संविधान की एक प्रति दिखाते हुए लोगों को संबोधित किया। उनका मुख्य जोर इस बात पर था कि मौजूदा सत्ताधारी दल देश के मूल लोकतांत्रिक सिद्धांतों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
- मूल सिद्धांत पर खतरा: उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ का सिद्धांत हमारे संविधान की नींव है, और इस सिद्धांत पर हो रहा हर हमला सीधे तौर पर संविधान पर आक्रमण है।
- अंबेडकर के सपने पर चोट: राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए संविधान को खत्म करना चाहते हैं, इसीलिए वे चुनाव को खत्म करना चाहते हैं।
- गरीबों और अमीरों का हक: उन्होंने समझाया कि संविधान यह सुनिश्चित करता है कि देश के सबसे अमीर और सबसे गरीब व्यक्ति के वोट की कीमत एक समान हो, और इसी अधिकार को छीनने की साजिश रची जा रही है।
‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कई राज्यों में कथित वोटर लिस्ट में हेराफेरी और मतदाताओं के नाम हटाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, इसे सीधे तौर पर ‘वोट चोरी’ करार दिया।
- सबूत के साथ चोरी: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने सबूतों के साथ वोटों की चोरी को पकड़ा और उजागर किया है, लेकिन चुनाव आयोग (EC) इस पर कार्रवाई करने के बजाय उलटे उन पर ही हमला बोल रहा है।
- लोकतंत्र की हत्या: उन्होंने कहा, “वोट की चोरी सिर्फ आपके वोट की चोरी नहीं है, यह आपके अधिकार की, आपके भविष्य की चोरी है।” यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।
- बिहार से क्रांति की अपील: उन्होंने मुजफ्फरपुर के युवाओं से अपील की कि जिस तरह से महाराष्ट्र और हरियाणा में वोट चोरी हुई, वैसे बिहार में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार से ही इस वोट अधिकार यात्रा की क्रांति शुरू हुई है, जो पूरे देश में फैलेगी।
रोजगार और ‘मेड इन बिहार’ की बात
राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों के अलावा रोजगार और स्थानीय उत्पादन को भी छुआ। उन्होंने बिहार की अपार संभावनाओं के बावजूद पिछड़ेपन पर नीतीश कुमार की सरकार को घेरा।
- उन्होंने कहा कि हर जगह ‘मेड इन चाइना’ लिखा होता है, लेकिन वह ऐसा बिहार चाहते हैं, जहाँ मोबाइल, शर्ट और पैंट जैसे उत्पाद ‘मेड इन बिहार’ हों और यहां के युवाओं को रोजगार मिले।
मुजफ्फरपुर की इस रैली ने साफ कर दिया है कि राहुल गांधी की बिहार चुनाव में मुख्य रणनीति संविधान और गरीब-पिछड़ों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर केंद्रित होगी, जिसका सीधा मुकाबला सत्ताधारी दल के राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे से होगा।












