सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘यह अद्भुत संयोग है…!’ तवांग में अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू के परिवार को मिले सैंकड़ों सरकारी ठेके, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा पूरे राज्य का डेटा

तारिक खान
PNN24 न्यूज़ डेस्क: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर लगे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों ने अब सुप्रीम कोर्ट तक दस्तक दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को सुनवाई के दौरान पाया कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग ज़िले में विकास कार्यों के लिए बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मुख्यमंत्री या उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी कंपनियों को दिए गए थे। कोर्ट ने इस ‘अद्भुत संयोग’ पर हैरानी जताते हुए अब राज्य सरकार को पूरे राज्य के अन्य ज़िलों का भी विस्तृत डेटा पेश करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी: ‘आंकड़े बहुत कुछ बयां कर रहे हैं’
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने भाजपा नेता पेमा खांडू के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे पर टिप्पणी की।
- ‘अद्भुत संयोग’: पीठ ने कहा, “यह अद्भुत संयोग है कि किसी राज्य में बड़ी संख्या में परिवार के सदस्यों को ठेके दिए जाते हैं।”
- तवांग का खुलासा: राज्य की प्रतिक्रिया में सामने आया कि पिछले 10 वर्षों में 300 में से 154 ठेके (यानी आधे से अधिक) केवल तवांग के संदर्भ में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी फर्मों को दिए गए।
- कार्टेल का संकेत: राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रऊफ़ रहीम ने दावा किया कि ठेके खुले टेंडर से दिए गए थे, जिस पर पीठ ने कड़ी आपत्ति जताई। पीठ ने कहा, “संभव है कि टेंडर तो था, लेकिन कोई आगे नहीं आया। जहां आया भी, वहां अंतर बहुत कम है। यह कार्टेल बनाने की ओर इशारा करता है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है। आंकड़े बहुत कुछ बयां कर रहे हैं।”
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य की प्रतिक्रिया इस बात से इनकार नहीं करती कि ये फर्में मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों की हैं।
कौन हैं लाभार्थी? ‘हजारों करोड़’ के फायदे का आरोप
सेव मोन रीजन फेडरेशन और वॉलंटरी अरुणाचल सेना द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य में कार्यादेश सीएम खांडू, उनकी पत्नी, उनके पिता की दूसरी पत्नी रिनचिन ड्रेमा, उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी से जुड़ी फर्मों को दिए गए थे, जिन्हें हजारों करोड़ रुपये का फायदा हुआ।
लाभार्थी फर्मों में शामिल हैं:
- M/S ब्रैंड ईगल्स और M/S फ्रंटियर एसोसिएट्स (मालिक: त्सेरिंग डोल्मा, मुख्यमंत्री खांडू की पत्नी)।
- M/S आरडी एसोसिएट्स (मालिक: सीएम के भाई ताशी खांडू)।
- M/S अलायंस ट्रेडिंग कंपनी (मालिक: उनके भतीजे की पत्नी)।
कैग की रिपोर्ट और नियमों का उल्लंघन
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण और नेहा राठी ने कोर्ट को बताया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने पहले ही टेंडरों के आवंटन में 2017 के जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) जैसे नियमों के उल्लंघन को चिह्नित किया था।
ये नियम बोली की निष्पक्षता, हितों के टकराव से बचाव, स्वतंत्रता और पारदर्शिता की बात करते हैं। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि उन्होंने 2015 में एक कानून बनाया जिसके तहत 50 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ‘वर्क ऑर्डर’ से ठेके दिए जा सकते हैं, ताकि स्थानीय ठेकेदारों को रोज़गार मिले।
दो महीने का समय: पूरे राज्य का डेटा मांगा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर, वरिष्ठ अधिवक्ता रऊफ़ रहीम ने सहमति व्यक्त की कि वह राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी फर्मों का विस्तृत ब्यौरा देने वाला एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करेंगे।
अदालत ने यह हलफनामा दाखिल करने के लिए दो महीने का समय देते हुए मामले को अगले वर्ष फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। यह मामला अब केवल तवांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे अरुणाचल प्रदेश में बड़े सरकारी ठेकों के आवंटन की स्वतंत्र जाँच की दिशा में बढ़ गया है।











