मेरठ के पॉश कालोनी में मुस्लिम को घर खरीदना बना ‘जंग का मैदान’: मुस्लिम खरीदार को दिल का दौरा, इलाके में तनाव

आदिल अहमद
PNN24 न्यूज़, मेरठ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के थापर नगर इलाके में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा हिंदू परिवार का घर खरीदना एक बड़ा सांप्रदायिक और राजनीतिक विवाद बन गया है। इस मामूली सौदे के कारण इलाके में इतना तनाव बढ़ गया कि घर खरीदने वाले सईद अहमद (40) को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना दिखाती है कि कैसे संपत्ति का एक निजी लेनदेन भी सियासी ध्रुवीकरण का शिकार हो सकता है।
पॉश कॉलोनी में घर खरीदना बना ‘गुनाह’
यह विवाद 26 नवंबर को तब शुरू हुआ जब 40 वर्षीय सईद अहमद ने मेरठ की पॉश कॉलोनी थापर नगर में वीना कालरा और उनके बेटे अनुभव कालरा से 1.46 करोड़ रुपये में एक घर खरीदा। थापर नगर एक ऐसा इलाका है जहाँ ज़्यादातर सिख और हिंदू आबादी रहती है।
- विरोध प्रदर्शन: जैसे ही सईद अपने परिवार के साथ घर में रहने गए, स्थानीय हिंदू समूहों ने इसका तीखा विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस थाने के बाहर और बाद में घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
- मांग: हिंदू संगठनों ने मांग की कि इस संपत्ति का पंजीकरण रद्द किया जाए और अगर इसे बेचा ही जाए, तो केवल किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति को ही बेचा जाए। उन्होंने ‘हिंदुओं के पलायन’ को रोकने का भी संकल्प लिया।
- सारी जमापूंजी लगाई: सईद के भाई शाहरोज़ ने बताया, “इस प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए उन्होंने भारी कर्ज लिया है। यह घर उनके पुराने व्यवसाय के पास था, इसलिए उन्होंने अपनी सारी जमापूंजी इस संपत्ति को खरीदने में खर्च कर दी।”
तनाव बढ़ाने की साजिश: गुरुद्वारे के बाहर मांस
मामला शांत होने के बजाय, रविवार (30 नवंबर) को और बढ़ गया जब पास के गुरुद्वारे के बाहर स्कूटर सवार दो अज्ञात लोगों ने मांस के टुकड़े फेंक दिए।
- सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश: मेरठ पुलिस की अपराध शाखा के सहायक पुलिस अधीक्षक आयुष सिंह ने पीटीआई को बताया कि शुरुआती जाँच से पता चलता है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए जानबूझकर मांस फेंका गया है।
- हिंदुत्व नेता का आरोप: स्थानीय हिंदुत्व नेता सचिन सिरोही ने इसे ‘विधर्मियों’ का काम बताया।
सदमे में मुस्लिम खरीदार, परिवार को डर
इलाके में बढ़ते तनाव और लगातार विरोध के बीच घर खरीदने वाले सईद अहमद को दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
- न्याय न मिलने का डर: सईद के भाई शाहरोज़ ने सचिन सिरोही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “हमने अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन अगर मेरे भाई को कुछ हुआ, तो सचिन सिरोही ज़िम्मेदार होंगे। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मुसलमानों को कोई न्याय नहीं मिल रहा है।”
यह घटना बताती है कि कैसे कुछ कट्टरपंथी समूह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति खरीदने के अधिकार पर भी सांप्रदायिक राजनीति थोपकर कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति पैदा कर सकते हैं।











