बहराइच: कथावाचक को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने पर बवाल…! डीजीपी ने एसपी से मांगा जवाब; अखिलेश और चंद्रशेखर बोले- “यह संविधान पर हमला”

तारिक आज़मी
PNN24 न्यूज़, लखनऊ/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में यूपी पुलिस के नए रंगरूट (Recruits) एक कथावाचक आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी को रेड कार्पेट पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देते और सलामी देते नजर आ रहे हैं। मामला तूल पकड़ते ही डीजीपी मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
डीजीपी का एक्शन: एसपी से मांगा स्पष्टीकरण
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने परेड ग्राउंड के इस अनधिकृत उपयोग पर बहराइच के पुलिस अधीक्षक (SP) आर.एन. सिंह से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
- नियमों का हवाला: यूपी पुलिस ने ‘एक्स’ (X) पर स्पष्ट किया कि पुलिस परेड ग्राउंड केवल प्रशिक्षण, अनुशासन और आधिकारिक सरकारी समारोहों के लिए है।
- अनाधिकृत उपयोग: किसी निजी या धार्मिक व्यक्ति को राजकीय सम्मान (सलामी) देना पुलिस नियमावली का उल्लंघन माना गया है।
जनपद बहराइच में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस परेड ग्राउंड के अनधिकृत उपयोग का पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा संज्ञान लिया गया है।
पुलिस परेड ग्राउंड का उपयोग केवल पुलिस प्रशिक्षण, अनुशासन एवं आधिकारिक समारोहों हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना अनिवार्य है।
निर्धारित मानकों…— UP POLICE (@Uppolice) December 18, 2025
बहराइच पुलिस की दलील: “तनाव कम करने के लिए बुलाया”
विवाद बढ़ने पर बहराइच पुलिस ने एक अजीबोगरीब सफाई पेश की। पुलिस के अनुसार:
- इस्तीफे का डर: प्रशिक्षण के दौरान कठोर शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण 28 जवानों ने अवसाद (Depression) का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।
- योग और परामर्श: जवानों का हौसला बढ़ाने और उन्हें तनाव मुक्त करने के लिए आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी को ‘परामर्श और ध्यान कार्यशाला’ के लिए आमंत्रित किया गया था।
विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा
इस घटना पर समाजवादी पार्टी और आज़ाद समाज पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है:
जब पूरा पुलिस महकमा सलामी में व्यस्त रहेगा तो प्रदेश का अपराधी मस्त रहेगा। उप्र में पुलिस अपने काम में तो नाकाम है, उसका जो काम है वो तो कर नहीं रही है बल्कि अपनी सीमित क्षमताओं को और जगह व्यर्थ कर रही है।
भाजपा राज में उप्र में पनप रहे बेतहाशा अपराध और माफ़िया राज पर लगाम… pic.twitter.com/MBxei5liXB
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 18, 2025
- अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी में अपराध बेलगाम है और माफिया शासन फल-फूल रहा है, लेकिन सरकार “सलामी के खेल” में व्यस्त है। उन्होंने पूछा कि क्या कोई इस संवैधानिक उल्लंघन का संज्ञान लेगा?
भारत कोई मठ नहीं, बल्कि एक संवैधानिक गणराज्य है। और राज्य किसी धर्म-विशेष की जागीर नहीं।
इस स्पष्ट उल्लेख के बावजूद एक कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा परेड और सलामी (Guard of Honour) दी जाती है—यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि संविधान पर खुला हमला… pic.twitter.com/I3IiHeD73t
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) December 18, 2025
- चंद्रशेखर आज़ाद (सांसद): इसे ‘संविधान पर खुला हमला’ बताते हुए चंद्रशेखर ने कहा, “योगी आदित्यनाथ के रामराज्य में अब आस्था को संविधान से ऊपर और कथावाचकों को संवैधानिक पदों से ऊपर बैठाया जा रहा है। प्रशासन अब कानून के प्रति नहीं, धार्मिक सत्ता के आगे नतमस्तक है।”
वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है। इसमें:
- कथावाचक पुण्डरीक गोस्वामी के लिए लाल कालीन (Red Carpet) बिछाई गई है।
- बहराइच के SP आर.एन. सिंह उनके बगल में खड़े हैं।
- नए पुलिस रंगरूट पूरी वर्दी में कथावाचक को सलामी (Salute) दे रहे हैं।










