बंगाल में बीजेपी विधायक असीम सरकार द्वारा कुरआन को लेकर की गई “आपत्तिजनक टिप्पणी” के आरोप में कई जिलों में FIR दर्ज, पार्टी ने बयान से किया किनारा

मो0 सलीम
कोलकाता/नदिया: पश्चिम बंगाल के हरिनघाटा सीट से बीजेपी विधायक असीम सरकार अपने एक कथित विवादित बयान के कारण कानूनी और राजनीतिक संकट में घिर गए हैं। कुरान को लेकर की गई “आपत्तिजनक टिप्पणी” के आरोप में उनके खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में कई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इस विवाद ने तब तूल पकड़ा जब पिछले हफ्ते एक सभा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

- मुर्शिदाबाद: राज्य मंत्री अखरुज्जमां ने रघुनाथगंज थाने में मामला दर्ज कराया है।
- दक्षिण 24 परगना: जमात-ए-इस्लामी हिंद ने बासंती थाने में शिकायत दी है।
- टीएमसी का आरोप: टीएमसी विधायक अमीरुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि असीम सरकार ने जानबूझकर इस्लाम को नीचा दिखाने की कोशिश की है।
बीजेपी ने बनाई दूरी: विवाद बढ़ता देख भारतीय जनता पार्टी ने असीम सरकार के बयान से खुद को अलग कर लिया है। बनगांव के सांसद और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने स्पष्ट कहा, “यह विधायक का निजी बयान है, पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” क्या है मामला और विधायक की दलील? यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तर 24 परगना के बेनापोल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में एक सभा आयोजित की गई थी। आरोप है कि इसी दौरान असीम सरकार ने विवादित टिप्पणी की। वहीं, विधायक असीम सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि उनके बयान को ‘गलत तरीके से पेश’ किया गया है। उन्होंने नदिया के चाकदह थाने में एक काउंटर-शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने खुद को जान से मारने की धमकी मिलने का दावा किया है।
पुलिस की कार्रवाई: राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जमात-ए-इस्लामी हिंद ने इस टिप्पणी को ‘असंवैधानिक और असंसदीय’ करार देते हुए विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है।










