इंदौर का भागीरथपुरा बना ‘डेथ ज़ोन’: दूषित पानी से 9 मौतों की आशंका, 1500 लोग बीमार; जनता ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरा

तारिक खान
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी ने तांडव मचा रखा है। इलाके में पीने के पानी की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने से सैकड़ों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। मंगलवार को स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।

“सरकारी रिकॉर्ड में अब तक 4 मौतों की पुष्टि हुई है, लेकिन जब मैं क्षेत्र में घूमा तो स्थानीय लोगों ने 8 से 9 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है। लगभग 1400 से 1500 लोग इस दूषित पानी से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 198 लोग फिलहाल अस्पतालों में भर्ती हैं।”
“डेढ़ साल से कर रहे शिकायत, किसी ने नहीं सुना” जब मंत्री विजयवर्गीय गलियों में पहुंचे, तो एक महिला ने उन पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि ड्रेनेज लाइन और पीने के पानी की लाइन आपस में मिल गई है। महिला ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा:
“पिछले डेढ़ साल से हम परेशान हैं, लेकिन ड्रेनेज लाइन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। आज मेरे घर के 10-12 लोग बीमार हैं। अब मौतें होने लगीं तो सब देखने आए हैं।”
नगर निगम और प्रशासन अलर्ट पर: कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की पूरी टीम भागीरथपुरा में तैनात कर दी गई है। एक-एक मरीज की हालत की मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित लाइनों को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह ‘जागृति’ बहुत देर से आई है।










