धर्म के फेर में ‘अंतिम सफर’ की दुर्गति: धमतरी में 3 दिनों तक भटकता रहा 65 वर्षीय महिला का शव; परिजनों के ‘घर वापसी’ के बाद हुआ अंतिम संस्कार

मो0 सलीम

धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बोराई गाँव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला, पुनिया बाई साहू के शव को अंतिम संस्कार के लिए तीन दिनों तक गाँव-दर-गाँव भटकना पड़ा। वजह थी महिला द्वारा दो साल पहले ईसाई धर्म अपनाना, जिसका ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने पुरजोर विरोध किया।

क्रिसमस की रात हुआ ‘शुद्धिकरण’: जब पूरी दुनिया क्रिसमस मना रही थी, तब 25 दिसंबर की रात बोराई गाँव में एक परिवार का ‘शुद्धिकरण’ कराया जा रहा था। बुधवार को हुई पुनिया बाई की मौत के बाद विवाद तब बढ़ा जब ग्रामीणों ने ईसाई पद्धति से दफनाने का विरोध किया। मामला इतना गरमाया कि परिजनों को शव लेकर तहसील मुख्यालय नगरी जाना पड़ा, लेकिन वहां भी भीड़ ने उस गड्ढे को मिट्टी से भर दिया जहाँ शव दफनाया जाना था।

माफीनामा और कड़ा शपथ पत्र: प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हुई घंटों की गहमागहमी के बाद, मृतका के परिजनों ने हार मान ली। उन्होंने हिंदू संगठनों और समाज के सामने लिखित शपथ पत्र दिया, जिसमें कहा गया:

“हम परिवार वाले बहकावे में आकर ईसाई धर्म के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे। अब हम सपरिवार हिंदू रीति-रिवाज और ग्रामीण देवी-देवताओं की पूजा करेंगे। भविष्य में ईसाई धर्म से कोई संबंध नहीं रहेगा। यदि हम दोबारा ईसाई धर्म में गए, तो हम स्वयं गाँव छोड़कर चले जाएंगे।”

3 दिनों के बाद मिली मुखाग्नि: परिजनों द्वारा सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने और ‘शुद्धिकरण’ के बाद, शुक्रवार को महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया। तब कहीं जाकर तीन दिनों से पड़ा शव पंचतत्व में विलीन हो सका।

प्रशासन का बयान: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि साहू समाज और परिवार के बीच विवाद के कारण अंतिम संस्कार में समस्या आई थी। सामाजिक बैठक के बाद मामले का निराकरण किया गया और शांतिपूर्ण तरीके से संस्कार संपन्न कराया गया।

घटनाक्रम की बड़ी बातें:

  • विवाद: महिला ने 2 साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था, ग्रामीण हिंदू रीति से या गाँव के बाहर अंतिम संस्कार चाहते थे।
  • विरोध: नगरी मुख्यालय में भी भीड़ ने शव दफनाने से रोका।
  • शर्त: परिजनों के हिंदू धर्म में लौटने और लिखित माफीनामे के बाद ही मिली अनुमति।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *