उस्मान हादी हत्याकांड: ढाका पुलिस का बड़ा दावा— हत्यारे सीमा पार कर भारत के मेघालय पहुंचे, तूरा शहर में छिपे होने की आशंका

ईदुल अमीन

ढाका/शिलांग: बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता और ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ आया है। ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस (DMP) ने दावा किया है कि इस जघन्य हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी— फ़ैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख़, भारत की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं और वर्तमान में मेघालय राज्य में छिपे हुए हैं।

सुनियोजित हत्या और मेघालयकनेक्शन:

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ढाका पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त एसएन मोहम्मद नज़रूल इस्लाम ने बताया कि उस्मान हादी की हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। पुलिस के मुताबिक:

  • रूट: आरोपी ढाका से आमीन बाज़ार, फिर मानिकगंज और अंत में मैमनसिंह की हलुआघाट सीमा पहुँचे।
  • मददगार: सीमा पर ‘फिलिप’ और ‘संजय’ नामक दो व्यक्तियों ने उन्हें भारत की सीमा पार कराने में मदद की।
  • भारत में एंट्री: सीमा पार करने के बाद आरोपियों को मेघालय के ‘पुत्ती’ नामक व्यक्ति को सौंपा गया, जिसने एक टैक्सी ड्राइवर ‘सामी’ के जरिए उन्हें तूरा (Tura) शहर पहुँचाया।

मेघालय पुलिस से संपर्क का दावा:

अतिरिक्त आयुक्त नज़रूल इस्लाम ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अनौपचारिक माध्यमों से मेघालय पुलिस से संपर्क किया है। उनके अनुसार, मेघालय पुलिस ने इस साजिश में शामिल पुत्ती और सामी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, भारत सरकार या मेघालय पुलिस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अब तक 11 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी छात्र लीगसे जुड़े:

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य शूटर फैसल करीम मसूद के माता-पिता, पत्नी और साला शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फैसल और आलमगीर प्रतिबंधित ‘छात्र लीग’ की राजनीति से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। उनके पास से दो विदेशी पिस्तौल, 52 राउंड गोलियां और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

हिंसा और अल्टीमेटम के बाद खुलासा:

गौरतलब है कि 18 दिसंबर को उस्मान हादी की हत्या के बाद ढाका में भारी हिंसा भड़क गई थी। ‘इंकलाब मंच’ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और गृह मामलों के सलाहकार के इस्तीफे की मांग की थी। पुलिस ने पहले कहा था कि पासपोर्ट ब्लॉक होने के कारण आरोपियों का विदेश भागना संभव नहीं है, लेकिन अब अवैध घुसपैठ के जरिए भारत भागने की पुष्टि की गई है।

जांच के मुख्य तथ्य: कैसे पहुंचे भारत?

पड़ाव स्थान/मददगार स्थिति
प्रस्थान ढाका से मानिकगंज निजी कार द्वारा
बॉर्डर हलुआघाट सीमा (मैमनसिंह) फिलिप और संजय (मददगार)
भारत में शरण तूरा, मेघालय (भारत) पुत्ती और सामी (टैक्सी ड्राइवर)

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