पुतिन के घर पर हमले से भड़के डोनाल्ड ट्रंप, पीएम मोदी ने जताई चिंता; दुनिया भर के नेताओं ने यूक्रेन की ‘हिमाकत’ पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

निलोफर बानो
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास पर सोमवार को हुए कथित ड्रोन हमले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस घटना के बाद जहाँ रूस ने इसे सीधी उकसावे की कार्रवाई बताया है, वहीं दुनिया के तीन बड़े देशों— अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रप्रमुखों ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

“पुतिन के घर पर हमले की बात करें तो यह सब करने का यह सही समय नहीं है। मैं इसे लेकर बेहद गुस्से में हूं। हम युद्ध खत्म करने के समझौते के बेहद करीब हैं और ऐसे में यह घटना शांति की कोशिशों को बाधित कर सकती है।”
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के बीच मुलाकात हुई थी, जहाँ ट्रंप ने जंग खत्म करने का दावा किया था।
पीएम मोदी की अपील: “कूटनीति ही एकमात्र रास्ता” भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा:
“रूसी राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों से हम चिंतित हैं। केवल कूटनीतिक प्रयास ही शांति का रास्ता साफ कर सकते हैं। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी कदम से बचें जो शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है।”
पाकिस्तान ने की हमले की निंदा: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस कथित हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। शरीफ ने रूस की सरकार और जनता के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि जब शांति प्रयास चल रहे हों, तब ऐसी हिंसा स्वीकार्य नहीं है।
क्या शांति वार्ता पर फिरेगा पानी? रूस का दावा है कि यूक्रेन ने 91 लॉन्ग-रेंज ड्रोन्स के जरिए पुतिन के आवास को निशाना बनाया था। हालांकि रूसी एयर डिफेंस ने इन्हें नष्ट कर दिया, लेकिन इस हमले ने ट्रंप की उस कोशिश को मुश्किल में डाल दिया है जिसमें वे युद्ध खत्म करने के लिए ‘डील’ के करीब पहुँचने की बात कर रहे थे।
वैश्विक नेताओं का ‘स्टैंड’ एक नजर में:
- डोनाल्ड ट्रंप (USA): “बेहद गुस्से में हूँ, यह हमला समझौते के समय के खिलाफ है।”
- नरेंद्र मोदी (भारत): “गहरी चिंता का विषय, कूटनीति से ही निकलेगा समाधान।”
- शहबाज शरीफ (पाकिस्तान): “हमले की निंदा करते हैं, यह शांति के लिए खतरा है।”








