तीन दिन से आफ़त में लाखों यात्री…..! इंडिगो संकट की असली वजह क्या? जानिए पायलटों के आराम और DGCA के नियमों की 6 साल पुरानी कानूनी जंग
फारुख हुसैन
PNN24 न्यूज़ डेस्क: भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पिछले तीन दिनों से ‘परेशानियों का दूसरा नाम‘ बन चुकी है। दिल्ली से बेंगलुरु तक सैकड़ों उड़ानें रद्द होने के कारण लाखों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे पड़े हैं। 4 दिसंबर को 550, 5 दिसंबर को 600 और उससे पहले 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिसने इस संकट को भारतीय एविएशन इतिहास की सबसे खराब स्थितियों में से एक बना दिया है। यह संकट सिर्फ तीन दिन की लापरवाही नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें 2019 में शुरू हुई एक लंबी कानूनी लड़ाई में हैं, जो पायलटों के आराम के समय और DGCA के नियमों से जुड़ी है।
संकट की असली वजह: पायलटों का आराम और कानूनी लड़ाई
वर्तमान संकट सीधे तौर पर पायलटों के ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को लागू करने से जुड़ा है, जिस पर लगभग छह साल तक कानूनी लड़ाई चली।
- 2019 का नियम: संकट की शुरुआत 2019 में हुई, जब DGCA ने नियमों में बदलाव कर पायलटों की लगातार रात की उड़ानें भरने की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर दी थी और उनके आराम का समय घटा दिया था।
- पायलट यूनियनों का विरोध: पायलट यूनियनों ने DGCA के इन नियमों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया, क्योंकि यह सीधे तौर पर पैसेंजर सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था।
- DGCA की वापसी: यूनियनों के विरोध के बाद DGCA ने संशोधित नियम जारी किए (8 जनवरी 2024), लेकिन एयरलाइंस ने इसे यह कहकर चुनौती दी कि इससे कर्मचारियों की मांग बढ़ जाएगी और कई विमान ग्राउंड हो जाएंगे।
हाई कोर्ट का फ़ैसला: आराम बढ़ाओ, उड़ानें घटाओ
कोर्ट में लंबी सुनवाई और DGCA के हलफनामे के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने पायलटों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया, जिससे एयरलाइंस पर अचानक दबाव बढ़ गया:
| लागू होने की तारीख | नियम में बदलाव |
| 1 जुलाई 2025 | पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे किया जाएगा। |
| 1 नवंबर 2025 | रात की ड्यूटी का समय आधी रात से सुबह 5 बजे के बजाय आधी रात से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा। |
| 1 नवंबर 2025 | रात की ड्यूटी में अधिकतम दो लैंडिंग ही होंगी (पहले छह लैंडिंग तक की अनुमति थी)। |
इन संशोधित FDTL नियमों को 1 नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना शुरू हुआ, जिसे इंडिगो इस वर्तमान संकट की मुख्य वजह बता रहा है। इन नियमों के कारण एयरलाइन को पर्याप्त पायलटों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं।
फ़िलहाल DGCA का आदेश होल्ड, सरकार कर रही जाँच
ताज़ा अपडेट के अनुसार, DGCA के FDTL के ऑर्डर को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है ताकि मौजूदा संकट खत्म किया जा सके।
- सुरक्षा बनाम सुविधा: इस बीच एक बड़ा वाद-विवाद खड़ा हो गया है: क्या थके हुए पायलटों के साथ लगातार उड़ान भरना पैसेंजर्स की सुरक्षा के साथ ज्यादा बड़ा खिलवाड़ है, या एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों का परेशान होना?
- सरकार का एक्शन: केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो की सर्विस में रुकावट की डिटेल्ड जाँच शुरू करने के लिए एक कमेटी बना दी है।
फिलहाल, लाखों यात्रियों की परेशानी और एयरलाइन के भविष्य को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।












