केरल में ‘नफरत’ की भेंट चढ़ा छत्तीसगढ़ का दलित मजदूर: बांग्लादेशी समझकर भीड़ ने की हत्या, परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार

मो0 सलीम
डेस्क: केरल के पलक्कड़ जिले से मॉब लिंचिंग की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले दलित मजदूर राम नारायण बघेल की भीड़ ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि भीड़ ने उन्हें ‘बांग्लादेशी’ होने के शक में निशाना बनाया, जबकि वह रोजी-रोटी की तलाश में केरल आए एक भारतीय नागरिक थे।

- आरोपियों पर मॉब लिंचिंग की धाराओं में केस दर्ज हो।
- मामले की जांच के लिए SIT का गठन हो और SC/ST एक्ट लगाया जाए।
- पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
मृतक के भाई ने भावुक होकर कहा, “मेरे भाई घर के अकेले कमाने वाले थे। घर पर बूढ़ी मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम यहीं डटे रहेंगे।”
सियासी घमासान: RSS बनाम केरल सरकार इस घटना ने केरल की राजनीति में उबाल ला दिया है। केरल सरकार ने इस हत्याकांड को ‘RSS की नफरत की राजनीति‘ का नतीजा बताया है। पुलिस ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि उनमें से 4 संघ परिवार से जुड़े कार्यकर्ता हैं। हालांकि, दक्षिणपंथी संगठनों ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
क्या हुआ था उस दिन? घटना 17 दिसंबर की शाम की है। राम नारायण बघेल रास्ता भटक कर एक गांव में पहुंच गए थे। वहां मौजूद भीड़ ने पहले उन्हें चोर समझा और फिर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में लोग उनसे पूछते दिख रहे हैं— “क्या तुम बांग्लादेशी हो?” पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंदरूनी चोटों और अधिक खून बहने के कारण उनकी जान चली गई।
प्रशासन का एक्शन: बढ़ते दबाव के बीच केरल सरकार ने परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। पलक्कड़ SP अजीत कुमार ने बताया कि SIT का गठन कर दिया गया है और मृतक की जाति की पुष्टि होते ही आरोपियों पर SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।











