बंगाल में ‘महाभारत’: ममता का अमित शाह पर पलटवार— “अगर सिर्फ बंगाल में घुसपैठ है, तो पहलगाम अटैक क्या आपने करवाया..? और दिल्ली में धमाके कैसे हुए?”

ईदुल आमीन

बांकुरा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। मंगलवार को बांकुरा के बीरसिंहपुर में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘घुसपैठ’ वाले आरोपों पर तीखा प्रहार किया। ममता ने न केवल बीजेपी नेतृत्व की तुलना ‘महाभारत’ के नकारात्मक पात्रों से की, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।

अमित शाह का वार: “बंगाल बना घुसपैठियों की पनाहगाह” इससे पहले, बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर आए गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगला चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठियों को बाहर निकालने के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। शाह ने सवाल किया:

“असम, त्रिपुरा, गुजरात और राजस्थान में घुसपैठ बंद हो गई, तो बंगाल में क्यों जारी है? क्योंकि यहाँ की सरकार घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बनाती है। बंगाल की सीमाओं को सील करने के लिए यहाँ देशभक्त बीजेपी सरकार की जरूरत है।”

ममता का पलटवार: “पहलगाम और दिल्ली ब्लास्ट का जिम्मेदार कौन?” अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कश्मीर और दिल्ली की सुरक्षा चूक का मुद्दा उठाया। इंडिया टुडे की खबर के अनुसार उन्होंने कड़े लहजे में पूछा:

“क्या घुसपैठिए सिर्फ बंगाल में हैं? अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नहीं हैं, तो इसी साल पहलगाम में हमला कैसे हुआ? दिल्ली में लाल किले के पास कार बम धमाका कैसे हुआ? क्या ये हमले आपने कराए थे?”

बीजेपी नेताओं को बताया दुशासनऔर दुर्योधन‘: ममता बनर्जी ने बिना नाम लिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही ‘शकुनि’ के चेले ‘दुशासन’ और ‘दुर्योधन’ बंगाल में घूमने लगते हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट के रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इस काम के दौरान करीब 60 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौत हो चुकी है और बुजुर्गों को वेरिफिकेशन के नाम पर परेशान किया जा रहा है।

2026 की चुनावी बिसात: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर दोनों ही दल आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। जहाँ अमित शाह ने 2026 में दो-तिहाई बहुमत के साथ बीजेपी सरकार बनाने का दावा किया है, वहीं ममता बनर्जी अपनी ‘माटी और मानुष’ की राजनीति के जरिए बीजेपी के ‘बाहरी’ और ‘सांप्रदायिक’ कार्ड को विफल करने में जुटी हैं।

बहस के 3 बड़े मुद्दे:

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा: अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को मुद्दा बनाया, तो ममता ने कश्मीर और दिल्ली की घटनाओं को सुरक्षा फेलियर बताया।
  2. वोट बैंक की राजनीति: बीजेपी का आरोप है कि ममता सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, जबकि ममता ने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया।
  3. महाभारत का रूपक: ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं के लिए ‘दुशासन’ और ‘दुर्योधन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर चुनावी जंग को ‘धर्मयुद्ध’ जैसा रूप देने की कोशिश की है।

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